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ई-प्रिजन सॉफ्टवेयर से पेपरलेस होगा प्रदेश का जेल विभाग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Updated Wed, 28 Nov 2018 12:37 PM IST
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प्रदेश का पूरा जेल महकमा ई-प्रिजन सॉफ्टवेयर पर काम करेगा। केंद्र सरकार से इसके लिए मिले ढाई करोड़ रुपये से जेल विभाग ने पूरा नेटवर्क तैयार कर लिया है। अब प्रदेश सरकार ने ई-प्रिजन पर काम करने के लिए आउटसोर्स आधार पर 32 डाटा ऑपरेटरों की भर्ती की भी मंजूरी दे दी है। विभाग का प्रयास है कि वह नए साल से ई-प्रिजन सॉफ्टवेयर पर काम करना शुरू कर देगा।
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जेलों के कामकाज को पेपरलेस बनाने के लिए जेल विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा था। मंत्रालय की ओर से बजट मिलने के बाद जेल महकमे ने सभी जेलों में कंप्यूटरीकरण का काम शुरू कर दिया। साथ ही ई-प्रिजन सॉफ्टवेयर भी तैयार कर लिया गया। इस पर जेल विभाग के हर कामकाज को किया जाना है। इसके बाद प्रदेश सरकार को कुछ समय पहले आउटसोर्स आधार पर डाटा ऑपरेटर रखने की मंजूरी मांगी थी।
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डीजी जेल सोमेश गोयल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने 32 ऑपरेटर रखने की मंजूरी दे दी है। मंजूरी मिलने के साथ ही आउटसोर्स एजेंसी से संपर्क किया जा रहा है। प्रयास यह है कि नए साल से जेलों का कामकाज पेपरलेस हो जाए। गोयल ने कहा कि पेपरलेस होने से समय की बचत के साथ साथ काम में पारदर्शिता भी आएगी। साथ ही डाक लाने ले जाने जैसे कार्यों में लगने वाली मानव शक्ति भी बचेगी।
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गोयल ने बताया कि इससे पहले मंत्रिमंडल ने जेल विभाग में वार्डरों के 107 पदों को सृजित करने और 84 वर्तमान रिक्त पदों को भरने की मंजूरी दे दी थी। विभाग जल्द ही इन पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।