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लाइब्रेरी में किताबें तलाशने के लिए नहीं करनी पड़ेगी माथापच्ची
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 15 Feb 2016 06:37 PM IST
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प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों सहित अन्य सरकारी पुस्तकालयों में किताबें तलाशने का झंझट जल्द ही समाप्त होने वाला है। शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी पुस्तकालयों को ई ग्रंथालय सॉफ्टवेयर से जोड़ने का फैसला लिया है। इस सॉफ्टवेयर के तहत पुस्तकालय की हर किताब का रिकॉर्ड कंप्यूटर सिस्टम में मिलेगा।
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किस अलमारी के किस कोने में कौन सी किताब है। इसकी जानकारी एक क्लिक पर मिल जाएगी। इसके अलावा किताबों को जारी करने और वापसी की तारीख की एंट्री भी कंप्यूटर सिस्टम पर ही होगी। केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत प्रदेश के सरकारी पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण हो रहा है।
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एनआईसी और आईटी विभाग के सहयोग से इस अभियान को चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में हिमाचल प्रदेश में स्कूलों, कॉलेजों में जहां-जहां कंप्यूटर सिस्टम और कमरों का प्रावधान है। वहां ई ग्रंथालय सॉफ्टवेयर से ही
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पुस्तकालयों का कामकाज चलेगा। केंद्रीय पुस्तकालय सोलन, राजकीय पुस्तकालय शिमला सहित सभी जिला मुख्यालयों में स्थित पुस्तकालयों का आधुनिकीकरण करने के लिए ई सॉफ्टवेयर का प्रयोग करने का फैसला लिया गया है।
उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने सभी जिला उपनिदेशकों, स्कूल, कॉलेज प्रिंसिपलों सहित अन्य स्थानों में स्थित पुस्तकालयों के प्र्रमुखों को पत्र जारी कर एनआईसी और आईटी विभाग से संपर्क कर सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने को कहा है।