मोदी सरकार ने खोली हिमाचल के ई गवर्नेंस की पोल
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ई-गवर्नेंस का दावा करने वाली हिमाचल सरकार की नरेंद्र मोदी सरकार ने पोल खोल कर रख दी है। पीएमओ की ओर से भेजी गई एक चिट्ठी से खुलासा हुआ है कि पिछले एक साल में हिमाचल को करीब 1665 शिकायतें भेजी गईं, जिनमें से सिर्फ दो का ही निस्तारण हुआ।
लोगों की शिकायतों की निगरानी और निस्तारण के लिए बनाए गए सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रेवांसेज रिड्रेसल एंड मॉनीटरिंग सिस्टम (सीपीजीआरएएमएस) से भी विभाग नहीं जुड़ सके। इस वजह से भी शिकायतों का निवारण नहीं हो पा रहा है। इसकी जानकारी केंद्र को नहीं मिल पा रही है।
पिछले साल पीएमओ ने विभिन्न विभागों से संबंधित 1665 शिकायतें हिमाचल सरकार को निस्तारण के लिए भेजी थीं। इनमें से अब तक सिर्फ दो शिकायतों का ही डिस्पोजल हो पाया है। हिमाचल सरकार के इस ढुलमुल रवैये पर केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स एंड पब्लिक ग्रेवांसेज ने पत्र लिखकर नाराजगी जताई है।
क्या है सीपीजीआरएएम सिस्टम
डिपार्टमेंट ने स्पष्ट किया है कि हिमाचल के विभागों को सेंट्रलाइज्ड रिड्रेसल सिस्टम से नहीं जोड़ा गया है। अब भी प्रदेश में केंद्र से आने वाली शिकायतों पर जांच एवं कार्रवाई के लिए मैनुअल प्रक्रिया ही अपनाई जा रही है।
इसकी वजह से शिकायतों के पहुंचने और उनके निस्तारण का टाइम गैप लगातार बढ़ता जा रहा है। यही नहीं, शिकायतों की सही मानीटरिंग नहीं हो पा रही है। डीएआरपीजी ने राज्य सरकार को जल्द से जल्द सारे विभागों को सिस्टम से जोड़ने को कहा है।
अन्य राज्यों में क्या है स्थिति- जन शिकायतों के निस्तारण की रफ्तार हिमाचल जैसे ई गवर्नेंस वाले राज्य में बहुत धीमी है। उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों भी हिमाचल से आगे हैं। बेहतर परफारमेंस वाले राज्यों में एमपी, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, केरल, आंध्र प्रदेश, ओडिसा आदि शामिल हैं।
सीपीजीआरएएम सिस्टम एक वेब बेस्ड पोर्टल है जिसे केंद्र सरकार ने शिकायतों के निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से निस्तारण व निगरानी के लिए बनाया था। इस सिस्टम में देशभर के सभी प्रदेशों, केंद्र के सभी विभागों और अथॉरिटी के फील्ड के ढांचे को लिंक किया गया है।
इसकी मदद से शिकायत दर्ज होने से लेकर शिकायत पर हो रही कार्रवाई पर केंद्र और राज्य दोनों के जन शिकायत विभाग आसानी से निगरानी रख लेते हैं। साथ ही शिकायत के निस्तारण संबंधी जानकारी शिकायतकर्ता को भी आसानी से मुहैया हो जाती है।