Shimla: शिव बावड़ी में आपदा के बाद समरहिल में पहली बार मनेगा दशहरा
शिमला के समरहिल में शिव बावड़ी आपदा के बाद पहली बार दशहरा मनाया जाएगा। 14 अगस्त 2023 को आपदा के चलते शिव बावड़ी में 20 लोगों की मौते हुई थी।
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के समरहिल में शिव बावड़ी आपदा के बाद पहली बार दशहरा मनाया जाएगा। 14 अगस्त 2023 को आपदा के चलते शिव बावड़ी में 20 लोगों की मौते हुई थी। सालभर समरहिल में लोगों ने कोई त्योहार नहीं मनाया। इस साल दशहरे को मनाने का फैसला लिया गया है। दशहरे पर यहां रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार कर लिया गया है। इसके साथ ही कुंभकरण का 55 और मेघनाद का 45 फीट ऊंचा पुतला बनाया गया है। दिल्ली से आए कारीगर नवावुद्दीन, फैजल खान, खालिद अब्बासी समेत सात लोगों ने पुतले तैयार किए हैं। इन पुतलों को बनाने के लिए सामान दिल्ली और अंबाला से लाया गया है। बांस, पेपर, बारूद, मैदे की लेही से इन पुतलों को तैयार किया गया है।
कारीगर नवावुद्दीन ने बताया कि वे 13 साल से समरहिल में पुतले बनाने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पांच पीढि़यों से दशहरे पर पुतले बनाने का काम किया जा रहा है। पिछले साल आपदा के चलते पुतले नहीं बनाए गए थे। इस बार दशहरे पर बड़े पुतले बनाने का आर्डर मिला है। स्पोर्ट्स क्लचरल वेलफेयर सोसायटी समरहिल की ओर से दशहरा उत्सव मनाया जाएगा। यह राजधानी का सबसे बड़ा दशहरा उत्सव होगा। सोसायटी के प्रधान राजीव ठाकुर ने बताया कि 12 अक्तूबर को दशहरे के दिन मेला लगाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों, महिलाओं की रस्साकशी, म्यूजिकल चेयर, पेंटिग, थ्री लेग रेस, पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। शाम 7:00 बजे के करीब रावण के पुतले का दहन होगा। इससे पहले डेढ़ घंटे तक आतिशबाजी होगी।