फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   due to doctors negligence child died of Suffocation in mother stomach

समय पर रेफर नहीं की गर्भवती दम घुटने से पेट में बच्चे की मौत

Mon, 23 Apr 2018 08:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बिलासपुर
अमर उजाला ब्यूरो, बिलासपुर Updated Mon, 23 Apr 2018 08:54 AM IST
विज्ञापन
due to doctors negligence child died of Suffocation in mother stomach

जिला अस्पताल बिलासपुर में भर्ती गर्भवती महिला को समय पर रेफर न करने से पेट में पल रहे बच्चे की दम घुटने से मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक तीन दिन से सामान्य प्रसव होने की बात कर रहे थे, लेकिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर जब ऐन मौके पर रेफर किया तो बच्चे ने दम 

विज्ञापन


तोड़ दिया। गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत से बचाया। परिजनों का कहना है कि यहां से जाते ही निजी अस्पताल में जब गर्भवती का अल्ट्रासाउंड करवाया तो पता चला कि 20 मिनट पहले ही पेट में दम घुटने से बच्चे की मौत हो गई है। 
विज्ञापन


परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने, समय पर रेफर न करने और बदसलूकी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने सीएमओ से भी शिकायत की लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

विज्ञापन
विज्ञापन

यहां जानिए क्या है पूरा मामला

due to doctors negligence child died of Suffocation in mother stomach

जिला अस्पताल बिलासपुर में तीन दिन पहले जुखाला की हेमा देवी को प्रसव पीड़ा के चलते भर्ती करवाया गया। पहले दिन डॉक्टर ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ बताया। दूसरे दिन सुबह उपस्थित डॉक्टर व स्टाफ नर्स ने सामान्य प्रसव होने की बात कह कर उनके परिजनों को रूम से बाहर कर दिया।

हेमा के पति जितेंद्र सिंह ने बताया कि जब उसकी पत्नी की हालत गंभीर होने लगी तो स्टाफ नर्स ने उन्हें मिलने तक नहीं दिया। भारी प्रसव पीड़ा के चलते जब नर्स को डॉक्टर बुलाने के लिए कहा तो बात सुननी तो दूर गालियां देना शुरू कर दीं और धक्के मारकर बाहर निकाल दिया।

चंद ही मिनटों में जो स्टाफ नर्स सामान्य प्रसव होने की बात कह रही थी वह कहने लगी कि साधनों के अभाव के चलते यहां प्रसव नहीं हो सकता। मरीज को यहां से ले जाओ। जितेंद्र ने बताया कि वह पत्नी को बिलासपुर स्थित निजी अस्पताल ले गए।


 

महिला गायनी विशेषज्ञ थी छुट्टी पर 

due to doctors negligence child died of Suffocation in mother stomach
consult doctor

अल्ट्रासाउंड से पता चला कि 20 मिनट पहले ही बच्चा पेट में दम तोड़ चुका था। उनका कहना है कि अगर अस्पताल में प्रसव कराने के साधन नहीं थे तो मरीज को भर्ती ही क्यों किया। ऐन मौके पर रेफर क्यों किया। उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से डॉक्टर व स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की।

एक अन्य तीमारदार मदनलाल का कहना है कि इसी दिन उनकी पत्नी निशा कुमारी का भी प्रसव होना था, उन्हें भी निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा। सीएमओ बिलासपुर वीके चौधरी का कहना है कि उन्हें कोई जानकारी नहीं है।

अगर ऐसा मामला है तो इसकी जांच की जाएगी और परिजनों की शिकायत पर उचित कार्रवाई होगी। बिलासपुर जिला अस्पताल में एक महिला और एक पुरुष गायनी विशेषज्ञ हैं। घटना के दिन महिला विशेषज्ञ छुट्टी पर थी।
 

तो क्यों सरकारी अस्पताल में आएंगे लोग : रामलाल

due to doctors negligence child died of Suffocation in mother stomach

परिजन आरोप लगा रहे हैं कि अब मरीज को ढंग से देखा होता तो शायद उनके बच्चे की जान न जाती। बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के गृह जिले में ही स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है। बीते दिन ही एमडी और एक सर्जन का यहां से हमीरपुर तबादला हुआ है।

एमएस डॉक्टर राजेश आहलुवालिया का कहना है कि वह तीन दिन से ट्रेनिंग पर शिमला गए हुए थे। अगर परिजनों की शिकायत आई है तो कार्रवाई होगी। लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी।

नयना देवी से विधायक व पूर्व मंत्री रामलाल ठाकुर ने सरकार व अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी अस्पताल में ही जच्चा-बच्चा सुरक्षित नहीं है तो लोग यहां उम्मीद लेकर क्यों आएंगे। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस मसले को लेकर उचित कार्रवाई की मांग की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed