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पीलिया के लिए जिम्मेदार अफसरों की सूची में दे दिए ड्राइवर और चपरासी के नाम

Sat, 02 Apr 2016 08:37 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 02 Apr 2016 08:37 AM IST
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drivers and peon names in the list of iph department who was responsible jaundice viral in shimla
हिमाचल हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने सरकार से साल 2007 से आईपीएच महकमे में तैनात उन अफसरों और कर्मियों के नामों की सूची मांगी थी, जो शिमला में पीने का साफ पानी पिलाने के लिए तैनात थे, लेकिन सरकार ने शुक्रवार को कोर्ट में ड्राइवर, चपरासी, स्टेनो, ड्राफ्ट्समैन, विधि अधिकारी और निजी सचिव सहित अन्य 388 कर्मचारियों के नामों की सूची सौंप दी।

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हाईकोर्ट ने इस पर स्पष्ट किया कि इन लोगों के खिलाफ अवमानना का मामला नहीं बनता। इनका साफ पानी मुहैया करवाने का कोई दायित्व नहीं रहा। कोर्ट ने सरकार से दोबारा से जिम्मेदार कर्मियों के नामों की सूची मांगी है। मामले की आगामी सुनवाई तीन मई को होगी।
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पीलिया से जुड़े मामले पर सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि एसआईटी मामले की तह तक जाने की बजाय मामले को निपटाने में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रही है।
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एसआईटी यह तय करने में नाकाम रही है कि वर्ष 2007 से आज तक कार्यरत कर्मियों में से कितनों के खिलाफ आपराधिक मामला बनता है। सरकार की ओर से प्रदेश में पीलिया से मारे गए लोगों के आश्रितों को दिए जाने वाले मुआवजे की राशि प्रति व्यक्ति दो लाख रुपये के हिसाब से बीस लाख रुपये हाईकोर्ट में जमा करवाए।

पीलिया मामले में गिरफ्तार एक्सईएन, एसडीओ रिहा

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प्रदेश हाईकोर्ट ने इन्हें जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए हैं। - फोटो : demo

हाईकोर्ट ने पीलिया मामले में चार आरोपियों को जमानत पर रिहा कर दिया है। सभी आरोपी बीते करीब डेढ़ महीने से न्यायिक हिरासत में थे। न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान ने अधिशासी अभियंता विनोद कुमार, सहायक अभियंता अभिषेक शर्मा, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के ठेकेदार अक्षय डोगर और परनीत ठाकुर को सशर्त जमानत पर रिहा किया।

कोर्ट ने शिमला के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की संतुष्टि पर इन आरोपियों को जमानत पर रिहा करने के आदेश दिए। ज्ञात हो कि पांच जनवरी को नगर निगम शिमला के उपमहापौर टिकेंद्र पंवर की शिकायत पर ढली पुलिस थाना में आपराधिक मामला दर्ज किया गया था। इसमें कहा गया था कि शिमला में पीलिया फैला है। इस कारण सैकड़ों लोग प्रभावित हुए हैं।

पीलिया फैलने का मुख्य कारण अश्विनी खड्ड में सीधे सीवेज को फेंकना और पानी को बिना जांच के सप्लाई करना बताया गया। सरकार ने पीलिया फैलने के मामले में एसआईटी का गठन किया। इसके बाद इन आरोपियों को लापरवाही बरतने, धोखाधड़ी, षड्यंत्र रचने और गैर इरादतन हत्या के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया। इस मामले में आगामी सुनवाई तीन मई को होगी।

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