सीएम के विस क्षेत्र में सूख रहे लोगों के हलक
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मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र के लोग आईपीएच महकमे की लापरवाही के चलते पीने के पानी के लिए तरस गए हैं। इन दिनों धरोगड़ा पंचायत के आधा दर्जन गांव सात दिन से पीने के पानी की एक-एक बूंद के लिए भटक रहे हैं। शिकायत करने पर महकमे की ओर से एक ही जवाब मिलता है कि पंप खराब है। ठीक होगा तो पानी आ जाएगा। मजबूरन लोगों को मीलों दूर नालों से पीने का पानी ढोकर लाना पड़ रहा है।
इस कारण सैकड़ों लोगों को रोजाना भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पीने के पानी की सबसे अधिक समस्या भम्नोल, ऐयशा, कटाच, कंडा, टुंडा और कांडा नाल में आ रही है। इन गांवों को पेयजल आपूर्ति भम्नोल स्कीम के जरिये हो रही है। स्थानीय लोगों दयाराम वर्मा, महेंद्र शर्मा, चेतराम वर्मा और डोला राम मेहता ने कहा कि यहां पानी को लिफ्ट करने के लिए लगाए पंप आए दिन खराब हो जाते हैं।
क्या कहता है आईपीएच महकमा
मौजूदा समय में हालात इतने खराब हो गए हैं कि पंपों ने भी जवाब दे दिया है। इनकी रिपेयर हो पाना अब मुमकिन नहीं। सिंचाई के लिए पानी तो दूर पीने के पानी के लिए इलाके के लोग तरस गए हैं। कभी पानी आता है तो केवल एक घंटे तक ही आईपीएच महकमा सप्लाई करता है।
लोगों ने स्थानीय विधायक और मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से आग्रह किया है कि आए दिन आने वाली पानी की समस्या का स्थायी समाधान करने के लिए आईपीएच महकमे को निर्देश दें। आईपीएच महकमे के सुन्नी डिविजन के अधिशासी अभियंता वीएस ठाकुर ने कहा कि पंप को ठीक करने की कोशिश की जा रही है। पंप ठीक नहीं हुआ तो इसे बदल दिया जाएगा। नए पंप 15 से 20 दिन में आ जाएंगे।