डॉ. परविंदर कौशल बने नौणी विश्वविद्यालय के वीसी
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सोलन स्थित डॉ. वाईएस परमार वानिकी एवं बागवानी विश्वविद्यालय (नौणी) को लंबी खींचतान के बाद मंगलवार को नया कुलपति मिल गया। बीते 15 जून से खाली चल रहे इस पद पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने मंगलवार को डॉ. परविंदर कौशल को कुलपति नियुक्त किया है।
अधिसूचना के बाद डॉ. कौशल ने मंगलवार को ही कार्यभार संभाल लिया है। डॉ. कौशल सोलन के रहने वाले हैं और झारखंड के रांची स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में कुलपति थे।
डॉ. कौशल ने डॉ. यशवंत सिंह परमार विश्वविद्यालय से वर्ष 1978 में एमएससी की है। फॉरेस्ट्री में वर्ष 1987 में यूनिवर्सिटी ऑफ नैंसी फ्रांस से पीएचडी की है। वर्ष 1989 में डॉ. कौशल को युवा साइंटिस्ट का राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार मिल चुका है। वह करीब 18 देशों का दौरा कर चुके हैं।
देशभर से आए थे 82 आवेदन
उल्लेखनीय है कि कौशल से पहले डॉ. हरी चंद शर्मा कुलपति थे। अगस्त 2016 को तैनात हुए शर्मा का कार्यकाल बीते 14 जून को समाप्त हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति के बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव बागवानी आरडी धीमान को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था।
कुलपति की नियुक्ति के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. त्रिलोचन मोहपात्रा की अध्यक्षता में चार सदस्यीय सर्च कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी के पास देशभर से 82 आवेदन पहुंचे।
बीते आठ जून को राजभवन में कमेटी की बैठक हुई, जिसमें चर्चा के बाद पांच नामों का पैनल राज्यपाल को भेजा गया। बीते हफ्ते मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से मुलाकात की थी जिसके बाद नए वीसी के नाम को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी।