फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Don't be afraid of criminals, fight boldly and know your rights.

Shimla News: अपराधियों से डरें नहीं, डटकर करें मुकाबला और अधिकारों को जानें

Thu, 17 Apr 2025 11:59 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 17 Apr 2025 11:59 PM IST
विज्ञापन
Don't be afraid of criminals, fight boldly and know your rights.
कन्या स्कूल लक्कड़ बाजार में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं से प्रोफेसर सीमा का आह्वान
विज्ञापन

शोषण होने का सबसे बड़ा कारण, आवाज न उठाना
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय लक्कड़ बाजार शिमला में अमर उजाला के सौजन्य से अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला के लॉ विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सीमा कश्यप ने छात्राओं को महिलाओं के अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लड़कियों को अपराधियों से डरने की जरुरत नहीं बल्कि उनका डटकर मुकाबला करें और अपने अधिकारों को जानें। बताया कि देश में कई ऐसे कानून हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई भी लड़की या महिला प्रताड़ित न हो। डॉ. सीमा ने बताया कि शोषण होने का सबसे बड़ा कारण यह है कि महिलाएं शिकायत करने से डरती हैं। बताया कि हर व्यक्ति के पास अपने नाम का अधिकार है। यदि कोई व्यक्ति किसी लड़की को गलत नाम से बुलाता है, तो उसे आवाज उठानी चाहिए। सरकार पीएचडी की पढ़ाई के लिए कई स्कॉलरशिप योजनाएं चला रही हैैं। हर महिला को अपनी पसंद से शादी करने का अधिकार है। प्रदेश में अब महिलाओं की शादी की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष निर्धारित की है। 21 वर्ष की आयु के बाद कोई भी महिला अपनी मर्जी से किसी से भी विवाह कर सकती है।
विज्ञापन


डॉ. सीमा ने बताया कि महिलाओं के पास शारीरिक, मानसिक और आर्थिक शोषण के खिलाफ लड़ने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, 2012 ( पॉस्को ) के बारे में भी जानकारी दी। कहा कि यह अधिनियम बच्चों को यौन उत्पीड़न, अश्लीलता और पोर्नोग्राफी से बचाने के लिए एक मजबूत कानूनी ढांचा प्रदान करता है। इस अधिनियम के तहत बच्चों के हितों को प्राथमिकता दी है, जिसमें बाल-अनुकूल रिपोर्टिंग, साक्ष्य की रिकॉर्डिंग और विशेष न्यायालयों के माध्यम से त्वरित सुनवाई की व्यवस्था शामिल है। डॉ. सीमा ने कहा कि अधिकतर अपराध इसलिए होते हैं क्योंकि शिकायत करने से डर लगता है। पोस्को के तहत सबसे ज्यादा मामले रिश्तेदारों द्वारा किए शोषण के होते हैं, जिससे बच्चों में शारीरिक शोषण की घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने छात्राओं से कहा कि यदि कोई परेशानी हो तो माता-पिता को बैड टच के बारे में बताएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून शोषण के खिलाफ लड़ने के लिए बनाए हैं, न कि उनका गलत उपयोग करने के लिए। झूठी शिकायत करने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों में जागरूकता होना जरुरी : मच्छान
लक्कड़ बाजार स्कूल की प्रधानाचार्य सुमन मच्छान ने कहा कि समाज में लड़कियों के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में छोटी उम्र से ही लड़कियों को उनके अधिकारों की जानकारी देना बहुत जरूरी है। कहा कि यदि बच्चियां सतर्क रहें तो शोषण होने से बचा जा सकता है। यदि कोई गलत व्यवहार या शोषण हो रहा हो तो तुरंत अध्यापकों, अभिभावकों या पुलिस को इसकी जानकारी दें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article