डॉक्टर की सलाह: डाइट का खास ध्यान रखें गर्भवती महिलाएं, ये सावधानियां बरतें
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गर्भकाल के दौरान महिलाएं प्रसूति में किसी भी प्रकार की उलझन से बचने के लिए अपनी डाइट का विशेष ध्यान रखें। गर्भकाल के दौरान महिलाओं को पत्तेदार हरी सब्जियों के साथ पनीर या नॉन वेज, छिलके वाली दालें, चने, दूध और दही का सेवन करना चाहिए।
इससे महिलाओं को उचित मात्रा में न्यूट्रीशियन मिलते हैं। गर्भकाल के समय होने वाले रक्तस्राव या पीड़ा के दौरान महिलाओं को कहीं सफर नहीं करना चाहिए। साथ ही आयरन की गालियां लेनी चाहिए, ताकि खून की कमी न हो।
विटामिन डी की कमी के कारण भी गर्भकाल के दौरान महिलाओं को कई परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। इसके लिए उन्हें धूप सेंकना अनिवार्य है। इसके साथ ही महिलाओं को किसी भी प्रकार के तनाव में नहीं रहना चाहिए।
डॉ. राधाकृष्णनन राजकीय मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के गायनी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आरती चौहान ने कहा कि महिलाएं गर्भकाल के दौरान खानपान का खास ध्यान रखें।
स्ट्रेस में न रहकर अपनी नॉर्मल जिंदगी जीएं। उन्होंने कहा कि कोई भी परेशानी होने पर चिकित्सक को दिखाएं और चिकित्सक की सलाह के बिना किसी दवाई का सेवन न करें।
संतुलित और पौष्टिक आहार लें गर्भवती महिलाएं
आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. राजेश शर्मा ने कहा कि गर्भावस्था में किसी भी महिला को संतुलित और पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है। आयुर्वेद गर्भवती के लिए एक आदर्श प्रोटोकाल है। गर्भवती महिला को विटामिन कैल्शियम, जिंक, आयोडीन, आयरन, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फौलिक एसिड आदि पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है।
गर्भावस्था में क्या करें
दूध, अंडा, गाजर, पालक, सोयाबीन, दालें, ताजा फल, सब्जियों का सेवन, समय पर भोजन करें, खूब पानी पीएं, रेगुलर चेकअप करवाएं, भरपूर नींद लें (कम से कम आठ घंटे), संतुलित भोजन के साथ हल्का व्यायाम करें और हमेशा खुश रहें।
क्या नहीं करना चाहिए
स्वयं को भूखा न रखें, धूम्रपान, शराब का सेवन न करें, भारी सामान न उठाएं, चिकित्सक की सलाह के बिना कोई दवाई न लें।