डॉक्टर ने डेंगू पीड़ित महिला की जांच से किया इंकार, लौटाए परिजन
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राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार करवाने पहुंची डेंगू की मरीज को चिकित्सक ने जांचने से इंकार कर दिया। इस महिला को देर शाम करीब आठ बजे स्वास्थ्य केंद्र लाया था। लेकिन, यहां मौजूद चिकित्सक ने जांच से इंकार कर महिला को दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दे डाली।
वहीं, परिजनों से पांच बजे उसकी ड्यूटी खत्म होने की बात कही। इसके बाद आनन-फानन में परिजन महिला को सुल्तानपुर में एक निजी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए।
यहां चिकित्सकों ने जांच के बाद महिला को डेंगू होने की बात कही। इसके चलते परिजन उसे पीजीआई चंडीगढ़ ले गए। यहां महिला को दाखिल किया गया है। पीजीआई में टेस्ट के बाद महिला के डेंगू पीड़ित होने की पुष्टि हो गई है।
जानकारी के अनुसार तेज बुखार से पीड़ित घाट गांव की संगीता की घर पर अचानक तबीयत खराब हो गई। उसने परिजनों से पूरे शरीर में दर्द और तपिश का जिक्र किया।
घरेलू इलाज के बाद जब वह बेसुध हो गई तो पट्टा स्कूल समिति के प्रधान राजकुमार निजी गाड़ी में महिला को स्वास्थ्य केंद्र ले आए। यहां उन्होंने डॉक्टर से उपचार के लिए कहा। लेकिन डॉक्टर ने उपचार से इंकार कर दिया।
परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने कहा कि उसकी ड्यूटी 9 से 5 बजे तक है और वह उसका उपचार नहीं कर सकता। महिला को तड़पता देखकर राजकुमार ने सीएमओ सोलन को फोन किया। उन्होंने सीएमओ को बताया कि डॉक्टर उनका भी फोन नहीं उठा रहा है।
काफी कहासुनी के बाद परिजन उसे रात 8:00 बजे सुल्तानपुर में एक निजी अस्पताल ले गए जहां महिला की हालत देखकर प्राथमिक उपचार के बाद उसे चंडीगढ़ रेफर कर दिया।
तीमारदार राजकुमार शर्मा ने बताया कि चंडीगढ़ में टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की है। महिला का इलाज चंडीगढ़ में चल रहा है जो अत्यंत गरीब परिवार से बताई जा रही है। लोगों ने डॉक्टर के ऐसे रवैये की कड़ी निंदा की है।
डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी : सीएमओ
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरके दरोच का कहना है कि महिला के परिजनों ने उनसे इस मामले में शिकायत की है। उन्होंने डॉक्टर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
उन्होंने कहा कि डॉक्टर उस समय केंद्र में मौजूद था और उसका कर्तव्य बनता है कि मरीज की जांच करे। लेकिन उसने जिम्मेदारी नहीं निभाई। उन्होंने बताया कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जाएगी।