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आईजीएमसी में 137 डॉक्टर छुट्टी पर, मरीज हुए परेशान
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Doctor Of IGMC On leave
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आर्थो ओपीडी में दोपहर बाद हंगामा, पर्चियां न लेने पर मरीजों ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी में बुधवार को चिकित्सकों के न मिलने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सर्दियों की छुट्टियों के चलते करीब 137 डॉक्टर अब 21 दिन बाद अस्पताल आएंगे। छुट्टी पर जाने से अस्पताल में चिकित्सकों की कमी हो गई है। गौरतलब है कि हर साल चिकित्सकों को सर्दियों के मौसम में दो चरणों में छुट्टी पर भेजा जाता है। पहले चरण में अवकाश पर गए चिकित्सक 25 फरवरी को काम पर लौटेंगे। इसके बाद दूसरे चरण के तहत शेष चिकित्सक अवकाश पर जाएंगे।
दूसरी तरफ आईजीएमसी में बुधवार को ओपीडी में डॉक्टरों के न मिलने से मरीजों को बिना उपचार करवाए ही लौटना पड़ा। दोपहर बाद अस्पताल की आर्थो ओपीडी में मरीजों की पर्चियां न लेने को लेकर सुरक्षा कर्मियों और मरीजों में काफी बहसबाजी हो गई। मरीजों के आक्रोश के बाद करीब पौने तीन बजे पर्चियां ओपीडी में ली र्गइं। इसके बाद मरीजों की जांच दोबारा शुरू की।
अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ ओपीडी में बढ़ना शुरू हो गई थी। आर्थो ओपीडी में सुबह से लेकर दोपहर तक करीब 90 मरीजों की जांच की गई। लेकिन लंच के बाद जैसे ही मरीज दोबारा ओपीडी आए तो ओपीडी में तैनात सुरक्षा कर्मी ने पर्चियां लेने से मना कर दिया। इस पर मरीजों ने रोष जताया। मरीजों की भीड़ के कारण ओपीडी के बाहर शारीरिक दूरी की धज्जियां भी खूब उड़ीं। रोहड़ू के अजय और ठियोग के नरेश ने बताया कि उनके मरीजों को ओपीडी के बाहर भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। अस्पताल में नंबर न आने के कारण कई घंटों से ओपीडी के बाहर बैठकर वह इंतजार करते रहे। बाद में बिना उपचार करवाए लौटना पड़ा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। आईजीएमसी में बुधवार को चिकित्सकों के न मिलने से मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सर्दियों की छुट्टियों के चलते करीब 137 डॉक्टर अब 21 दिन बाद अस्पताल आएंगे। छुट्टी पर जाने से अस्पताल में चिकित्सकों की कमी हो गई है। गौरतलब है कि हर साल चिकित्सकों को सर्दियों के मौसम में दो चरणों में छुट्टी पर भेजा जाता है। पहले चरण में अवकाश पर गए चिकित्सक 25 फरवरी को काम पर लौटेंगे। इसके बाद दूसरे चरण के तहत शेष चिकित्सक अवकाश पर जाएंगे।
दूसरी तरफ आईजीएमसी में बुधवार को ओपीडी में डॉक्टरों के न मिलने से मरीजों को बिना उपचार करवाए ही लौटना पड़ा। दोपहर बाद अस्पताल की आर्थो ओपीडी में मरीजों की पर्चियां न लेने को लेकर सुरक्षा कर्मियों और मरीजों में काफी बहसबाजी हो गई। मरीजों के आक्रोश के बाद करीब पौने तीन बजे पर्चियां ओपीडी में ली र्गइं। इसके बाद मरीजों की जांच दोबारा शुरू की।
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अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ ओपीडी में बढ़ना शुरू हो गई थी। आर्थो ओपीडी में सुबह से लेकर दोपहर तक करीब 90 मरीजों की जांच की गई। लेकिन लंच के बाद जैसे ही मरीज दोबारा ओपीडी आए तो ओपीडी में तैनात सुरक्षा कर्मी ने पर्चियां लेने से मना कर दिया। इस पर मरीजों ने रोष जताया। मरीजों की भीड़ के कारण ओपीडी के बाहर शारीरिक दूरी की धज्जियां भी खूब उड़ीं। रोहड़ू के अजय और ठियोग के नरेश ने बताया कि उनके मरीजों को ओपीडी के बाहर भारी परेशानी झेलनी पड़ी है। अस्पताल में नंबर न आने के कारण कई घंटों से ओपीडी के बाहर बैठकर वह इंतजार करते रहे। बाद में बिना उपचार करवाए लौटना पड़ा।
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