अब यहां भी होंगे डीएनए टेस्ट, निदेशालय ने बनाई योजना
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सूबे की मंडी और धर्मशाला फोरेंसिक लैबों में भी अब डीएनए टेस्ट होंगे। इसके लिए राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशालय ने योजना शुरू कर दी है। अब डीएनए के सैंपलों को जांच के लिए शिमला नहीं भेजा जाएगा। मंडी और धर्मशाला की फोरेंसिक लैब में डीएनए की सुविधा शुरू होने में केसों को हल करने में तेजी आएगी।
अभी सिर्फ शिमला के जुन्गा स्थित फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में डीएनए टेस्ट होते हैं। एक ही लैब में डीएनए टेस्ट की सुविधा होने के कारण कई बार सैंपलों की जांच करने में अधिक समय लग जाता है।
इस कारण केसों की जांच भी लंबी हो जाती है। अब मंडी और धर्मशाला की फोरेंसिक लैब में डीएनए टेस्ट शुरू करने से राहत होगी। पुलिस विभाग को भी केसों को जल्द सुलझाने में मदद मिलेगी।
अब 50 फीसदी के अधिक केसों में हो रहे डीएनए टेस्ट
सूबे में अब 50 प्रतिशत से अधिक केसों में डीएनए टेस्ट हो रहे हैं। पहले बलात्कार, हत्या के केसों में डीएनए टेस्ट ज्यादा होते थे, लेकिन अब डीएनए टेस्ट की अधिक प्रचलन हो रहा है। कोर्ट में डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसके लिए अब मंडी और धर्मशाला फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला में डीएनए टेस्ट लैबें स्थापित की जा रही है।
राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला के निदेशक डॉ. अरुण शर्मा ने कहा कि मंडी और धर्मशाला में डीएनए टेस्ट लैब स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसके लिए स्टाफ तैनाती की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। जल्द ही दोनों लैबों में डीएनए टेस्ट शुरू किये जाएंगे।