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हैप्पी रहे दिवाली इसलिए बरतें ये खास सावधानियां

Tue, 10 Nov 2015 11:00 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Tue, 10 Nov 2015 11:00 PM IST
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Diwali celebrations tips

दिवाली पर धमाल के लिए राजधानी तैयार है। आज रात रंग बिरंगी आतिशबाजी से हिल्स क्वीन चमक उठेगी। दिवाली पर धमाके करने के लिए राजधानी में बॉलीवुड के हीरो और हीरोइनों के नाम के पटाखे बिक रहे हैं। पटाखा कारोबारी गगन कुमार ने बताया कि इस साल लोग सस्ते दामों पर मिलने वाले चाइनीज पटाखों की बजाय ब्रांडेड कंपनियों के पटाखों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। लोग प्रदूषण रहित पटाखों की मांग कर रहे हैं।

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थोक विक्रेताओं के मुताबिक इस साल पटाखों की कीमतों में 20 फीसदी तक की वृद्धि हुई है। इस कारण बाजार गिरा है। पिछले वर्ष से तुलना की जाए तो इस वर्ष 25 फीसदी कारोबार कम हुआ है। दिवाली पर इस वर्ष ग्राहकों को लुभाने के लिए गिफ्ट करने के लिए पटाखे भी आकर्र्षक गिफ्ट पैक में तैयार किए हैं। इन गिफ्ट पैक की कीमत 750 से 1500 रुपये तक की है।
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अजब पटाखों के गजब नजारे

पंचरंगी अनार, एक अनार पांच रंग में एक साथ जलेगा
मल्टी शॉट, हवा में जाकर फटने वाला यह पटाखा एक के बाद एक 5 से 20 धमाके करता है
पॉल्यूशन फ्री पटाखे, केवल रोशनी होगी, धुआं, आवाज नहीं
स्टार कोर्स, यह पटाखा आसमान में फटेगा। इसके बाद आसमान से तारों की बारिश होती दिखाई देगी

इस तरह चलाएं पटाखे

दो या तीन व्यक्ति मिलकर पटाखे चलाएं ताकि हादसे की स्थिति में दूसरे की मदद हो सके।
मोमबत्ती या फिर अगरबत्ती से ही पटाखों को उचित दूरी पर रखकर जलाएं
बड़ों की देखरेख में पटाखों का मजा लें
घर के बाहर खुले में दिवाली मनाएं
पुराने शहर में खास सावधानी बरतें
पार्किंग, वाहनों के पास बम न फोड़े
अस्पतालों से दूरी बनाकर पटाखे करें

यह बरतें सावधानियां

चोट लगने पर प्राकृतिक रूप से पलकें स्वयं बंद हो जाती हैं। इन्हें बंद ही रहने दें।
जलन, दर्द और छटपटाहट होने पर घबराएं नहीं। दर्द निवारण के लिए दर्द निवारक टेबलेट ले सकते हैं।
आंखों को धोएं नहीं। अपनी या किसी दूसरे की सलाह पर नेत्रों में दवा डालने का प्रयास बिलकुल न करें।

चोट लगने पर क्या करें, क्या न करें

पटाखों को सड़क पर या अन्य किसी सार्वजनिक स्थान पर नहीं जलाएं
पटाखों को हाथ में पकड़ कर न जलाएं। जमीन पर रखकर जलाएं
जलाने के बाद अगर पटाखा न जले तो उस पर पानी डाल दें।
पटाखों के भंडार को पटाखे जलाने के स्थान के पास न रखें।
छोटे बच्चों को स्वयं पटाखे जलाने को न दें।
पटाखों पर झुककर उन्हें न जलाएं, डिब्बे या कांच की बोतल में रखें
ढीले वस्त्र न पहनें और जलते पटाखे किसी व्यक्ति पर न फेंके

गर्भवती महिलाएं रखें खास ख्याल- गर्भवती महिलाएं जिन्हें सांस की समस्या हो उन्हें प्रदूषण से दूर रहना चाहिए। खासकर यदि किसी महिला को अस्थमा है तो उन्हें हर वक्त अपने साथ इनहेलर रखना चाहिए। एलर्जी के खतरे को कम करने के लिए जब तक संभव हो सजावट की फूलमालाएं आदि को घर से बाहर ही रखें। पटाखों से फैले प्रदूषण से भी बचकर रहना चाहिए। ये प्रदूषण पेट में पल रहे मासूम के लिए ठीक नहीं।
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वातावरण से जो कार्बन मोनोऑक्साइड सांस के जरिये लेंगी वह शरीर में आक्सीजन के उपयुक्त संचरण में बांधा पहुंचाते हैं। यह हानिकारक गैस भ्रूण के प्लेसेंटा से होकर गुजरे तो गर्भ में पल रहे बच्चे को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती। अकसर महिलाएं त्योहार की तैयारियों में व्यस्त होकर भोजन के प्रति लापरवाही कर जाती हैं।

उन्हें थोड़ी मात्रा में 1 से 2 घंटे के अंतराल पर पौष्टिक भोजन ग्रहण करना चाहिए। संभव हो तो हर घंटे में पानी पीते रहना चाहिए। ऐसा करने से चक्कर आने की समस्याएं बेहोशी और सुस्ती से आप खुद को बचा सकती हैं। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि आतिशबाजी के दौरान गर्भवती महिलाएं बाहर न निकलें।

फूलों की खुशबू से महका शिमला- दिवाली के मौके पर आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए फूलों से राजधानी महक उठी। मशोबरा, संजौली, ढली, शोघी और तारादेवी से गुलदस्तों तथा गेंदे की बनी फूल मालाओं से ही पूजा अर्चना होती और दुकानें सजती हैं।

इन क्षेत्रों के लोगों का परिवार फूलों को चुनने से लेकर उन्हें मालाओं में पिरोने का काम करता है। फूल मालाओं को बेचने आने वाले लोग पूरे बाजार में एक-एक दुकान पर पहुंचकर मालाओं को बेचते हैं। इन्हीं फूलों की मालाओं से होने वाली कमाई से इन सैकड़ों परिवारों की दिवाली की खरीदारी होती है।

पटाखों की बिक्री शुरू लोगों में उत्साह घटा-
दिवाली के लिए पटाखों की खरीदारी को चिन्हित शहर में पांच स्थानों पर पटाखा बाजार सज गए हैं। मंगलवार को यहां लोगों की खूब भीड़ उमड़ी। शहर के बीचों खुले आईस स्केटिंग मैदान में भी पटाखा बेचने को दुकानें सजी हैं। संजौली में इंजनघर मैदान, बालुगंज में कृष्ण मंदिर के समीप खुले मैदान में पटाखों की बिक्री शुरू हो गई है। इसके अलावा न्यू शिमला और छोटा शिमला में भी इसी तरह से मुख्य बाजार से हट कर खुले में पटाखों की बिक्री की अनुमति प्रशासन की ओर से दी है।

पटाखों की खरीददारी को लेकर लोगों में उत्साह कम है। लोग स्काई शॉट, आतिशबाजी, पटाखे, लक्ष्मी बम, अनार बम, मल्टी शॉट, मिट्टी के अनार और पैराशूट हवाईयां खरीद रहे हैं। टू साउंड और थ्री साउंड शॉट आदि पटाखे बच्चे अधिक पसंद कर रहे हैं। पटाखा बाजार के कारोबारियों का कहना है कि दीवाली के रोज ग्राहक अधिक आने की उम्मीद है लेकिन मौसम खराब हुआ तो उन्हें सीधे तौर पर नुकसान होना तय है।

फायर स्टेशन में तैनात हुए अतिरिक्त जवान-
दिवाली में आग की घटनाओं से निपटने के लिए तीनों फायर स्टेशनों के साथ ठियोग अग्निशमन पोस्ट के लिए अतिरिक्त जवान मिले हैं। प्रशिक्षण केंद्र से मिले इन जवानों की स्टेशनों में तैनाती कर दी है। मंडलीय अग्निशमन अधिकारी डीडी शर्मा ने बताया कि दिवाली के लिए तीनों स्टेशन सहित पूरा विभाग अलर्ट है।

शहर के स्टेशनों में 12 से 15 अतिरिक्त जवान ड्यूटी के लिए मिले हैं। शहर की जनता से अपील की है कि पटाखों का कम से कम इस्तेमाल करें। बड़ों की निगरानी में ही पटाखे जलाए, घर में पर्याप्त मात्रा में पानी स्टोर कर रखें।


तो इन नंबरों पर करें फोन- अग्निशमन कंट्रोल रूम 101 या 2658976, छोटा शिमला फायर स्टेशन 2623269, बालुगंज फायर स्टेशन 2830664 के नंबरों पर आग लगने पर लोग सूचना दे सकते हैं।

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