Shimla News: सुधीर की कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव पद से छुट्टी, राणा ने कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ा
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग और पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करते हुए सुधीर को सचिव पद से हटा दिया। वहीं, राजेंद्र राणा ने हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है।
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कांग्रेस हाईकमान ने अयोग्य घोषित किए गए धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा की पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पद से छुट्टी कर दी है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा चुनाव में क्राॅस वोटिंग और पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर कार्रवाई करते हुए सुधीर को सचिव पद से हटा दिया। पार्टी हाईकमान की इस कार्रवाई पर सुधीर शर्मा ने सोशल मीडिया में टिप्पणी कर तंज कसते हुए लिखा कि भार मुक्त तो ऐसे किया है जैसे सारा बोझ मेरे ही कंधों पर था। उन्होंने लिखा कि चिंता मिटी, चाहत गई, मनवा बेपरवाह, जिसको कछु नहीं चाहिए, वो ही शहंशाह। पार्टी के दूसरे अयोग्य घोषित किए गए सुजानपुर से विधायक राजेंद्र राणा ने कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। राणा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे सहित प्रदेश पार्टी प्रभारी राजीव शुक्ल और प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह को अपना इस्तीफा भेजा है। राजेंद्र राणा ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने इस्तीफे की सूचना को सार्वजनिक किया।
Congress President Mallikarjun Kharge removes Sudhir Sharma from his position as AICC Secretary with immediate effect. pic.twitter.com/uO0jc6TWav
— ANI (@ANI) March 6, 2024विज्ञापन
राजेंद्र राणा बोले- सुप्रीम कोर्ट से न्याय की उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर हो गया है और उम्मीद है कि न्याय होगा। क्योंकि जिस तरह असांविधानिक तरीके से उन्हें अयोग्य करार दिया गया,वाे जनता सब जानती है। सरकार की ओर से धड़ाधड़ की जा रही घोषणाओं पर राणा ने कहा कि जब बजट में प्रावधान नहीं, सरकार के पास पैसा नहीं, कोई लोन देने को तैयार नहीं तो यह सब लोगों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है।
कांग्रेस के बागी विधायकों ने माता मनसा देवी पंचकूला में की पूजा
कांग्रेस के बागी विधायकों ने बुधवार को माता मनसा देवी पंचकूला में की पूजा पाठ किया। सोशल मीडिया में फोटो जारी कर राजेंद्र राणा ने यह जानकारी दी। एक वीडियो के माध्यम से राजेंद्र राणा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर हो गया है। उम्मीद है कि न्याय होगा। जिस तरह असंवैधानिक तरीके से उन्हें अयोग्य करार दिया गया, जनता सब जानती है। सरकार की ओर से धड़ाधड़ की जा रही घोषणाओं पर राणा ने कहा कि जब बजट में प्रावधान नहीं, सरकार के पास पैसा नहीं, कोई ऋण देने को तैयार नहीं तो यह सब लोगों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा है। माता मनसा देवी के मंदिर में तीन निर्दलीय विधायकों होशियार सिंह, आशीष शर्मा, केएल ठाकुर सहित सहित कांग्रेस के पांच बागी राजेंद्र राणा, इंद्रदत्त लखनपाल, देवेंद्र भुट्टो, रवि ठाकुर और चैतन्य शर्मा पहुंचे। सुधीर शर्मा मंदिर में मौजूद नहीं रहे।
#WATCH हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के छ: बागी विधायकों ने चंडीगढ़ के मनसा देवी मंदिर में पूजा की।
pic.twitter.com/h4fU0zu3UO
— ANI_HindiNews (@AHindinews) March 6, 2024
उधर, पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सुधीर शर्मा को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। सुधीर शर्मा प्रदेश के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में शुमार किए जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह की सरकार में सुधीर शर्मा मंत्री थे। विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने पिछले गुरुवार को छह विधायकों सुधीर शर्मा, राजेंद्र राणा, रवि ठाकुर, चैतन्य शर्मा, देवेंद्र भुट्टो और इंद्रदत्त लखनपाल को अयोग्य घोषित कर दिया था। विधायकों ने सदन में वित्त विधेयक पर सरकार के पक्ष में मतदान करने के पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया था।