मैच का विरोध करने वाली वीरभद्र सरकार ने पाक कलाकारों के लिए खोले द्वार
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हिमाचल के द्वार कहे जाने वाले हिमाचल भवन में पाकिस्तानी कलाकारों की प्रदर्शनी लगाए जाने पर नया विवाद खड़ा हो गया है। एक ओर जहां हिमाचल सरकार धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान मैच का विरोध करती आई है, वहीं दूसरी ओर हिमाचल भवन चंडीगढ़ में पाकिस्तानी कलाकारों की प्रदर्शनी को मंजूरी देने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं।
वीरवार को सदन में इसे लेकर भाजपा विधायकों ने विरोध किया। हिमाचल भवन का नियंत्रण हिमाचल सरकार के राज्य पर्यटन विकास निगम के पास है। इस प्रदर्शनी को इंडो-पाक इंटरनेशनल एक्सपो-2016 का नाम दिया गया है।
हिमाचल भवन चंडीगढ़ में ये प्रदर्शनी पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स और रावलपिंडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पाकिस्तान के संयुक्त तत्वावधान में लगाई गई है। ये 17 मार्च को शुरू हुई है और 21 मार्च तक चलेगी। रोजाना 10:00 से 8:00 बजे तक खुली रहेगी।
शिमला में भी प्रदर्शनी लगा चुके हैं पाक कलाकार
इसमें कई स्टॉल पाकिस्तानी कलाकारों के हस्तशिल्प के हैं। पाक हस्तशिल्प के खरीदार भी यहां पहले दिन खूब आए। ऐसी ही प्रदर्शनी एक बार पहले शिमला में भी लगाई जा चुकी है। चंडीगढ़ में भी ये पिछले कुछ वर्षों से लग रही है।
हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के महाप्रबंधक दिनेश मल्होत्रा का कहना है कि ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। हिमाचल भवन में पिछले कुछ वर्षों से ये प्रदर्शनी लग रही है। इसमें पाकिस्तान के कलाकार आते हैं। ये क्लीयरेंस के बाद ही आते हैं। ऐसे आयोजन किराया लेने के बाद होते हैं। एचपीटीडीसी एक वाणिज्यिक संगठन है।
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मुख्यमंत्री धर्मशाला में भारत-पाकिस्तान मैच को शहीदों के परिवारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कदम बता रहे थे। दूसरी ओर उन्होंने हिमाचल भवन चंडीगढ़ परिसर में पाकिस्तानी प्रदर्शनी को अनुमति दे दी। अगर एचपीसीए भारत-पाक मैच के पक्ष में थी तो वह सिर्फ इसलिए क्योंकि इसके माध्यम से प्रदेश भर के लोगों को रोजगार मिलता। सीएम इस पर स्थिति स्पष्ट करें।