भारत-पाक मैच: शहीदों के परिवारों ने उठाए सवाल
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धर्मशाला में भारत और पाकिस्तान के बीच 19 मार्च को होने वाले टी- 20 वर्ल्ड कप के मैच पर विवाद हो गया है। शहीदों के परिवारों ने सवाल उठाए हैं। परिवारों का कहना है कि पाकिस्तान भारत में लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देने के साथ सीमा पर अशांति फैला रहा है। ऐसे में क्रिकेट मैच का आयोजन सही नहीं है। पाकिस्तान पहले आतंकवाद को खत्म करने का दृढ़ संकल्प ले, उसी के बाद क्रिकेट मैच से रिश्ते सुधर सकते हैं।
कारगिल युद्ध में पाकिस्तान सेना द्वारा बंधक बनाकर अमानवीय यातनाएं देकर मौत के घाट उतारे गए शहीद सौरभ कालिया के पिता डा. एनके कालिया धर्मशाला में भारत पाक के बीच होने वाले मैच को लेकर नाराज हैं। उनका कहना है कि पाकिस्तान ने भारत के साथ हमेशा धोखा किया है। एलओसी पर पाकिस्तान सेना की हरकतें सही नहीं हैं। पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है।
कहा, क्रिकेट से पहले आतंकवाद के खात्मे का संकल्प ले पाक
आतंकवादी हमला होने के बाद भी दुर्भाग्य से हम सोचते हैं कि दोनों देशों के बीच में क्रिकेट मैच हों। 1965 और 1971 के युद्ध के दौरान पाकिस्तान जेलों में बंद भारतीय सेना के 64 अफसर बंद हैं। लेकिन, उस पर कभी कोई बात नहीं होती। ऐसे में धर्मशाला में क्रिकेट मैच का औचित्य क्या है।
कारगिल युद्ध के दौरान ये दिल मांगे मोर का नारा देकर शहीद हुए परमवीर चक्र विजेता विक्रम बत्तरा के पिता जीएल बत्तरा ने कहा कि जब तक सीमाओं पर शांति और आतंकवाद का खात्मा नहीं हो जाता तब तक इस तरह के खेल का कोई अर्थ नहीं निकलता।
खेल जरूर भाईचारे का प्रतीक है लेकिन आतंकवाद और अशांति का खात्मा भी जरूरी है। पड़ोसी देशों के बीच अच्छे संबंध होने चाहिए लेकिन आजादी के बाद तीन युद्ध होना पाकिस्तान की मंशा को साफ जाहिर करता है।