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जीरो रीडिंग फिर एकसाथ थ्माए जा रहे भारी भरकम बिल

Fri, 08 Apr 2022 11:51 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 08 Apr 2022 11:51 PM IST
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dispute on water Bill
पेयजल खपत पहले शून्य बताई फिर थमाए जा रहे ज्यादा बिल
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शहर के कई पेयजल उपभोक्ता को झेलना पड़ रहा है कंपनी की गलती का खामियाजा
एकसाथ बिल आने पर बढ़ जाता है पानी का स्लैब रेट
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। पेयजल खपत के बावजूद यदि आपके पानी के बिल में मीटर रीडिंग शून्य आ रही है और मासिक बिल सिर्फ 130 रुपये आ रहा है तो सावधान हो जाएं। अगले माह आने वाला बिल आपकी जेब ढीली कर सकता है। राजधानी में पानी के कई बिलों में गड़बड़ी का खुलासा हुआ है।
पेयजल कंपनी की ओर से कई उपभोक्ताओं को जीरो रीडिंग वाले पानी के बिल जारी हो रहे हैं। बिल में पानी की खपत शून्य बताई है। इसमें मासिक बिल 130 रुपये जारी हो रहा है। 100 रुपये रखरखाव शुल्क हैं जबकि बाकी 30 रुपये सीवरेज सैस हैं। छोटा शिमला क्षेत्र में भी कई उपभोक्ताओं को ऐसे ही बिल जारी हो गए। उपभोक्ता हैरान थे कि पूरा माह पानी का इस्तेमाल करने के बावजूद मीटर रीडिंग शून्य कैसे आई। इन्होंने पूर्व पार्षद सुरेंद्र चौहान और कंपनी को इस बाबत शिकायत दी है। मौके पर जाकर जब रीडिंग ली तो बिल 300 रुपये से अधिक बने। हर महीने मीटरों की सही रीडिंग न होने के कारण कई उपभोक्ताओं को कम बिल आ रहे हैं। बाद में जब रीडर रीडिंग लेते हैं तो अचानक बिल कई गुना बढ़ रहा है। समिट्री में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं। कंपनी का कहना है कि कई बार साफ्टवेयर में भी जीरो रीडिंग चली जाती है। ऐसे में बिल न्यूनतम यानि 130 रुपये आता है।
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लोगों की जेब पर ऐसे भारी पड़ रही गड़बड़ी
ऐसे उपभोक्ताओं जिनके मीटर की रीडिंग नहीं हो रही, उन्हें अभी जीरो रीडिंग के आधार पर बिल जारी हो रहे हैं। कई माह बाद जब इनके मीटर की रीडिंग होती है तो इसमें पेयजल खपत काफी ज्यादा पहुंच जाती है। यदि तीन चार माह बाद किसी उपभोक्ता की पेयजल खपत 50 किलोलीटर आती है तो इन्हें 20 किलोलीटर तक 15.95, 21 से 30 किलोलीटर तक 27 जबकि इससे ज्यादा खपत पर 40 रुपये से अधिक प्रति किलोलीटर की दर से बिल जारी होंगे। यदि नियमित मीटर रीडिंग होगी तो यह खपत महीनों में बंट जाएगी और न्यूनतम स्लैब लागू होने से कम बिल आएंगे।
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ऐसे उपभोक्ता चेक करवा सकते हैं बिल : जसवाल
एजीएम अनिल जसवाल ने कहा कि ऐसे उपभोक्ताओं के बिल तुरंत ठीक किए जाएंगे। कहा कि ज्यादातर बिल सही भेजे जा रहे हैं। फिर भी जिनमें जीरो रीडिंग आ रही है, वह इसे चेक करवा सकते हैं।
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