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Shimla News: आईजीएमसी में राशन के टेंडर पर विवाद, जांच कराने की मांग
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फाइनेंशियल बिड खुलने से पहले बता दिया सैंपल हैं फेल
टेंडर से बाहर हुई फर्मों ने की सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में राशन का टेंडर विवादों के घेरे में आ गया है। आरोप है कि आईजीएमसी प्रबंधन ने अपने चहेतों को लाभ देने के लिए फाइनेंशियल बिड खुलने से पहले पांच फर्मों को उनके सैंपल फेल बताकर प्रक्रिया से बाहर कर दिया।
अब इन फर्मों के संचालकों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्प लाइन में कर दी है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में राशन की सप्लाई के लिए 30 मार्च को ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए थे। मदद सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन विकास थापटा ने बताया कि इस टेंडर प्रक्रिया में कुल आठ फर्माें ने आवेदन किया था। शिमला से लेकर सोलन तक अलग-अलग फर्माें ने आवेदन किए थे। एक करोड़ रुपये से भी अधिक की राशन की सप्लाई पूरे साल में होती है। ऐसे में 29 मई को टेक्निकल इंस्पेक्शन होनी थी और सभी फर्मों को इसके लिए पात्र घोषित किया गया। 30 मई की शाम चार बजे फाइनेंशियल बिड खोली जानी थी लेकिन इससे पंद्रह मिनट पहले आईजीएमसी ने आर्डर निकाले कि पांच फर्मों के सैंपल फेल हैं। ऐसे में केवल संजौली की तीन फर्में ही पात्र रह गईं और एल 1 को टेंडर का आंवटन कर दिया गया। मदद सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन विकास थापटा ने बताया कि वह सीएम से इस मामले की शिकायत करेंगे। इस तरह की धांधली का पर्दाफाश हो सके।
कोट
राशन का टेंडर ऑनलाइन हुआ है और यह पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है।
डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक,आईजीएमसी
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टेंडर से बाहर हुई फर्मों ने की सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में राशन का टेंडर विवादों के घेरे में आ गया है। आरोप है कि आईजीएमसी प्रबंधन ने अपने चहेतों को लाभ देने के लिए फाइनेंशियल बिड खुलने से पहले पांच फर्मों को उनके सैंपल फेल बताकर प्रक्रिया से बाहर कर दिया।
अब इन फर्मों के संचालकों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री सेवा संकल्प हेल्प लाइन में कर दी है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में राशन की सप्लाई के लिए 30 मार्च को ऑनलाइन टेंडर आमंत्रित किए थे। मदद सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन विकास थापटा ने बताया कि इस टेंडर प्रक्रिया में कुल आठ फर्माें ने आवेदन किया था। शिमला से लेकर सोलन तक अलग-अलग फर्माें ने आवेदन किए थे। एक करोड़ रुपये से भी अधिक की राशन की सप्लाई पूरे साल में होती है। ऐसे में 29 मई को टेक्निकल इंस्पेक्शन होनी थी और सभी फर्मों को इसके लिए पात्र घोषित किया गया। 30 मई की शाम चार बजे फाइनेंशियल बिड खोली जानी थी लेकिन इससे पंद्रह मिनट पहले आईजीएमसी ने आर्डर निकाले कि पांच फर्मों के सैंपल फेल हैं। ऐसे में केवल संजौली की तीन फर्में ही पात्र रह गईं और एल 1 को टेंडर का आंवटन कर दिया गया। मदद सेवा ट्रस्ट के चेयरमैन विकास थापटा ने बताया कि वह सीएम से इस मामले की शिकायत करेंगे। इस तरह की धांधली का पर्दाफाश हो सके।
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कोट
राशन का टेंडर ऑनलाइन हुआ है और यह पूरी पारदर्शिता के साथ किया गया है।
डॉ. राहुल राव, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक,आईजीएमसी