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नगर निगम चुनाव से ठीक पहले भाजपा का डेवलपमेंट प्लान
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कांग्रेसी बोले, प्लान पर स्थिति स्पष्ट नहीं, विकास कार्य हुए नहीं, यह भी शिगूफा : चौहान
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला को लेकर तैयार किए सिटी डेवलपमेंट प्लान पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि जो डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है उसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज को जनता के समक्ष हर तथ्य रखना चाहिए। सरकार ने बीते 4 सालों में शिमला के विकास और लोगों की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
अब शिमला एमसी चुनाव से ठीक पहले एकाएक डेवलपमेंट प्लान पेश किया है। कहीं यह चुनावी शिगूफा तो नहीं है। नरेश चौहान ने प्रेसवार्ता में कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 2017 मेें अपने आदेशों में शिमला और प्लांनिग एरिया के तहत ग्रीन तथा कोर एरिया में किसी भी तरह के निर्माण पर पाबंदी लगा रखी है। ऐसे में सरकार बताए कि क्या डेवलपमेंट प्लान तैयार किए जाने से पहले कोर और ग्रीन एरिया में निर्माण को लेकर एनजीटी से स्वीकृति ली है। शहरी विकास मंत्री कह रहे हैं कि डेवलपमेंट प्लान को लेकर जनता के सुझाव और आपत्तियां मिलने के बाद मामला कैबिनेट में जाएगा और प्लान को अधिसूचित कर दिया जाएगा। चौहान ने कहा कि ऐसे में यह भी स्पष्ट किया जाए कि प्लान अधिसूचित होने के बाद क्या एनजीटी के आदेश आड़े नहीं आएंगे? सरकार कैसे एनजीटी के आदेशों के बीच डिवेलपमेंट प्लान को लागू कर पाएगी ? चौहान ने शहरी विकास मंत्री से पूछा कि जो अपील सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर की थी, उसकी क्या स्थिति है, क्या सरकार उसे वापसी ले रही है ? कहा कि इस मसले पर लोगों में कई शंकाएं हैं।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला को लेकर तैयार किए सिटी डेवलपमेंट प्लान पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि जो डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है उसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज को जनता के समक्ष हर तथ्य रखना चाहिए। सरकार ने बीते 4 सालों में शिमला के विकास और लोगों की समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
अब शिमला एमसी चुनाव से ठीक पहले एकाएक डेवलपमेंट प्लान पेश किया है। कहीं यह चुनावी शिगूफा तो नहीं है। नरेश चौहान ने प्रेसवार्ता में कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 2017 मेें अपने आदेशों में शिमला और प्लांनिग एरिया के तहत ग्रीन तथा कोर एरिया में किसी भी तरह के निर्माण पर पाबंदी लगा रखी है। ऐसे में सरकार बताए कि क्या डेवलपमेंट प्लान तैयार किए जाने से पहले कोर और ग्रीन एरिया में निर्माण को लेकर एनजीटी से स्वीकृति ली है। शहरी विकास मंत्री कह रहे हैं कि डेवलपमेंट प्लान को लेकर जनता के सुझाव और आपत्तियां मिलने के बाद मामला कैबिनेट में जाएगा और प्लान को अधिसूचित कर दिया जाएगा। चौहान ने कहा कि ऐसे में यह भी स्पष्ट किया जाए कि प्लान अधिसूचित होने के बाद क्या एनजीटी के आदेश आड़े नहीं आएंगे? सरकार कैसे एनजीटी के आदेशों के बीच डिवेलपमेंट प्लान को लागू कर पाएगी ? चौहान ने शहरी विकास मंत्री से पूछा कि जो अपील सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में दायर की थी, उसकी क्या स्थिति है, क्या सरकार उसे वापसी ले रही है ? कहा कि इस मसले पर लोगों में कई शंकाएं हैं।
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