भाजपा में विलय से पहले ही हिलोपा में बगावत, दिल्ली रवाना हुए महेश्वर
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हिमाचल लोकहित पार्टी का भाजपा में विलय से पहले नया विवाद खड़ा हो गया है। हिलोपा के कुछ नेताओं ने दावा किया है कि यह सिर्फ महेश्वर सिंह का फैसला है, पार्टी का नहीं। अब 11 अगस्त को कांगड़ा में पार्टी का जनरल हाउस बुला कर हिलोपा के नए अध्यक्ष के चयन पर फैसला लिया जाएगा।
विवाद पर भाजपा ने भी साफ कर दिया है कि आने वालों का स्वागत है, जोर-जबरदस्ती किसी के साथ नहीं। विवाद के बीच महेश्वर अब भाजपा हाईकमान से मिलने दिल्ली रवाना हो गए हैं। हिलोपा के महामंत्री धर्म चंद गुलेरिया ने कहा कि पार्टी के विलय के लिए भाजपा और कांग्रेस का विकल्प दिया गया था।
महेश्वर सिंह पार्टी में रहते हुए चार साल तक वीरभद्र सिंह का गुणगान करते रहे, अब भाजपा में उनके शामिल होने का क्या कारण हो सकता है? भाजपा भी इससे भली भांति परिचित है। उन्होंने कहा कि कुल्लू में हिलोपा कार्यकर्ता का सम्मेलन हुआ था, इसमें कार्यकर्ता विलय को तैयार नहीं थे। न ही किसी को विलय होने का अधिकार दिया गया था।
बैठक में दिया था फैसला लेने का अधिकार : महेश्वर
उन्होंने कहा कि हिलोपा प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद, परिवारवाद और तबादला उद्योग से हिमाचल की जनता को अवगत कराएगी। हिलोपा जनता को उनका हक दिलाने के लिए अपना फर्ज निभाएगी।
11 अगस्त को कांगड़ा में जनरल हाउस बुलाने का फैसला लिया है। इसमें नए अध्यक्ष की तैनाती को लेकर चर्चा होगी। हिलोपा महामंत्री सुभाष शर्मा ने कहा कि महेश्वर सिंह का यह अपना फैसला है, पार्टी के पदाधिकारी भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं।
बैठक में दिया था फैसला लेने का अधिकार : महेश्वर
हिलोपा अध्यक्ष महेश्वर सिंह ने कहा कि कार्यसमिति की बैठक में उन्हें इसका अधिकार दिया गया था, तभी उन्होंने यह फैसला लिया है। अगर किसी को किसी पार्टी में शामिल नहीं होना है तो वह उनका अपना निजी फैसला हो सकता है।
जबरदस्ती किसी के साथ नहीं : सत्ती
भाजपा किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करती। जिस किसी को आना है, वह आ सकता है। महेश्वर सिंह के साथ बातचीत हो चुकी है। 14 अगस्त को वह भाजपा में शामिल होने जा रहे हैं।
भाजपा नेताओं से मंत्रणा कर दिल्ली रवाना हुए महेश्वर
भाजपा में विलय से पूर्व कुल्लू सदर विधायक एवं हिलोपा अध्यक्ष महेश्वर सिंह सोमवार दोपहर बाद दिल्ली रवाना हो गए हैं। वह यहां भाजपा हाईकमान से मुलाकात करेंगे। दिल्ली रवाना होने से पहले महेश्वर सिंह ने सर्किट हाउस कुल्लू में मनाली से भाजपा विधायक एवं प्रदेश भाजपा प्रवक्ता गोविंद सिंह ठाकुर और जिला भाजपा अध्यक्ष भीमसेन शर्मा से करीब आधा घंटा मंत्रणा की।
गोविंद सिंह ठाकुर ने महेश्वर सिंह की एंट्री को भाजपा के लिए फायदे की बात बताया है। उन्होंने कहा कि महेश्वर अपने हैं और उनके आने से भाजपा पार्टी संगठन व 2017 के विस चुनावों में संभवत: लाभ होगा। जिला अध्यक्ष भीमसेन शर्मा ने कहा कि महेश्वर सिंह के दिल्ली रवाना होने से पूर्व सर्किट हाउस कुल्लू में मुलाकात हुई।
सेन ने कहा कि 14 अगस्त के समारोह को लेकर हाईकमान की तरफ से कुल्लू जिला भाजपा को जो आदेश मिलेंगे, उसे बखूबी निभाया जाएगा। इस मौके पर कुल्लू भाजपा के उपाध्यक्ष जोगिंद्र शुक्ला, अरविंद चंदेल व सचिव सौरभ भारद्वाज आदि उपस्थित थे।
2 फरवरी, 2012 को हुई थी हिलोपा की स्थापना
महेश्वर सिंह ने भाजपा से नाराज होकर अपने जन्मदिवस पर 2 फरवरी, 2012 को प्रदेश में हिलोपा की स्थापना की थी। महेश्वर सिंह ने हिलोपा की टिकट पर ही वर्ष 2012 में कुल्लू विस क्षेत्र से एमएलए का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। कुल्लू जिला समेत मंडी लोकसभा क्षेत्र में महेश्वर सिंह की लोगों में अच्छी पकड़ मानी जाती है।
तीन बाद सांसद, दो बार भाजपा अध्यक्ष रहे
महेश्वर सिंह ने वर्ष 1977 से राजनीति में कदम रखा। बंजार विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रहे। वर्ष 1992 में राज्यसभा सांसद, 1989, 1998 में मंडी से दो बार सांसद रहे। इसके अलावा दो बार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर सेवाएं दे चुके हैं।