सीएम का कार्यक्रम छोड़कर चले गए नाराज पठानिया, ये है वजह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया नाराज होकर धर्मशाला में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम बीच में छोड़कर कर अचानक बाहर चले गए। धर्मशाला के पास पास्सू गांव स्थित एक होटल में कृषि विभाग की राष्ट्रीय कार्यशाला में यह वाकया पेश आया।
राष्ट्रीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया था। मंच पर सीएम के साथ मंत्री विपिन परमार, किशन कपूर, बिक्रम ठाकुर, सरवीण चौधरी बैठे। मंत्रियों के पीछे वाली पंक्ति जहां विधायकों को बैठना था, वहां पर सरकारी अधिकारी बैठ गए।
मंच पर जगह न मिलने के चलते विधायक राकेश पठानिया सहित रवि धीमान, होशियार सिंह और पूर्व विधायक दूलो राम सभागार में सामने की पंक्ति में बैठ गए। मंच पर मंत्रियों के बाद कुछ अफसरों को सम्मानित किया गया लेकिन आयोजक विधायकों का नाम लेना और उन्हें सम्मानित करना भूल गए।
नाराजगी पर इनको मनाने भेजा
नाराजगी के चलते वे दीप प्रज्ज्वलन में शामिल नहीं हुए। सीएम के सामने खुद को अपमानित होता देख राकेश पठानिया 15 मिनट के भीतर ही कार्यक्रम को छोड़कर सभागार से बाहर चले गए।
पठानिया की नाराजगी की भनक जैसे ही मंत्रियों को लगी तो उन्होंने तुरंत डीसी कांगड़ा सहित कृषि विभाग के अफसरों को पठानिया को मनाने के लिए भेजा। लेकिन, पठानिया वापस नहीं आए और नूरपुर चले गए।
गलती का एहसास होने पर मंच से बाद में विधायक रवि धीमान, होशियार सिंह और पूर्व विधायक दूलो राम का नाम लिया गया। इसके बाद रवि धीमान, होशियार सिंह को मंच के नीचे लगी कुर्सियों से उठाकर मंच पर बिठाया गया। उन्हें फिर सम्मानित भी किया गया।
सीएम बोले-ऐसी कोई बात नहीं
विधायक राकेश पठानिया की नाराजगी पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई है। राकेश पठानिया उन्हीं के साथ कार्यक्रम में आए थे। अचानक कोई फोन आने पर शायद वे बाहर निकले थे।
उधर, विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि कार्यक्रम में ऐसा लगा जैसे उन्हें अपमानित किया जा रहा था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ऐसी अव्यवस्था होना, चिंतनीय है। कार्यक्रम में अपमान का घूंट पीकर मौजूद रहना मुश्किल था। इसलिए, सभागार से बाहर आना ही उचित समझा।