हिमाचल आकर हमेशा पूछते थे अटल जी गोल्डन सेब सस्ता तो रॉयल क्यों है महंगा
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विधानसभा मानसून सत्र के पहले दिन वीरवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कई अनसुनी बातें पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने शोकोद्गार के दौरान सदन में साझा कीं।
जुब्बल-कोटखाई के भाजपा विधायक नरेंद्र बरागटा ने कहा कि वाजपेयी जब भी हिमाचल आते तो वह उनसे अक्सर मिला करते थे। वाजपेयी सेब की किस्मों पर बात करते। पूछतेे - रॉयल और गोल्डन सेब किस्मों में क्या फर्क है?
गोल्डन सस्ता तो रॉयल सेब महंगा क्यों बिकता है, जबकि गोल्डन ज्यादा मीठा होता है। बरागटा बोले कि वाजपेयी ने ही विदेशी सेब पर 30 से बढ़ाकर 50 फीसदी आयात शुल्क किया। इसका हिमाचल को लाभ मिला।
गोविंद सिंह ठाकुर ने ये कहा
वहीं, मनाली से परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने सदन मेें वाजपेयी की यह कविता पढ़ी - पेड़ के ऊपर चढ़ा आदमी/ऊंचा दिखाई देता है/जड़ में खड़ा नींचा/आदमी सिर्फ आदमी होता है...।
उन्होंने और भी कई कविताएं पढ़ीं। गोविंद ठाकुर ने श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि अटल जब भी मनाली आते तो सबसे पहले वह अपने गांव प्रीणी के लोगों से मिलने की बात करते। घुटनों का दर्द ठीक न होने पर एक बार उन्होंने कहा था कि शायद भगवान ही नहीं चाहता कि मेरे घुटने ठीक हों।
शिमला समझौते पर पहले चेताया, बाद में यहां आकर प्रदर्शन किया
संसदीय कार्य मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा है कि जब शिमला समझौता हुआ तो तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के वक्त मेें विपक्ष के बड़े नेता अटल बिहारी वाजपेयी चेतावनी दे रहे थे कि जो प्राप्त किया गया है, कहीं उसे न छोड़ दिया जाए।
बगैर किसी शर्त के उस वक्त पाकिस्तान के सैनिकों को छोड़ दिया गया था। यहां आकर अटल ने उस समझौते के विरोध में प्रदर्शन भी किया था। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि ऐसी विभूति दोबारा भारत में अवतार ले, यह उनकी ईश्वर से प्रार्थना है।
जिससे जो देश में कमियां रह गई हैं, वे दूर हो जाएं। सीएम जयराम ठाकुर बोले कि वह ईश्वर से कामना करते हैं कि अटल किसी न किसी रूप में भारत में जन्म लें।
सोनिया गांधी ने दो बार अमेरिका जाकर पूछा अटल का हाल
नादौन के कांग्रेस विधायक और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अटल के स्वभाव की तुलना शब्दों में नहीं की जा सकती है। उनके आदर्श हमेशा याद रखे जाएंगे।
अटल को फेफडे़ की बीमारी हो गई थी। अमेरिका में सोनिया गांधी दो बार उनका हालचाल पूछने गईं। राजीव गांधी ने उस वक्त कहा था कि लोकतंत्र तभी मजबूत रह सकता है, जब अटल जैसे नेता हों।
रोहतांग सुरंग की परिकल्पना अटल की थी, मगर इसे अमलीजामा देने को 2010 में इसके लिए सोनिया गांधी ने धनराशि जारी करवाई। पूर्व प्रधानमंत्री के नाम से योजनाओं का नाम रखना अच्छा है।
देश पहले, पार्टी बाद में और खुद उसके भी बाद में
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा - अटल जी हमेशा याद रखे जाएंगे। यह वर्ष 2002 की बात है। उस वक्त मैं सोलन में रैली का संचालन कर रहा था। उस वक्त उन्होंने हिमाचल को औद्योगिक पैकेज दिया। इससे प्रदेश के दो लाख लोगों को रोजगार मिला।
वह कहते थे - देश पहले, पार्टी बाद में और खुद उसके भी बाद में। वह हंसी-मजाक भी खूब करते थे। एक बार सोलन में डंगे के पीछे एक छोटे से स्थान पर अटल जी ने भाषण देना था। उन्होंने मजाक किया - आपने मुझे मचान पर चढ़ा दिया। अटल देश को मंदिर मानते थे।