शिक्षा निदेशालय हिमाचल: कोविड से अनाथ बच्चे पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना से होंगे लाभान्वित
उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना में पात्र बच्चों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत 11 मार्च, 2020 से 31 दिसंबर, 2021 के बीच कोविड-19 महामारी में केवल माता या केवल पिता या माता-पिता दोनों को खोने वाले बच्चों की देखभाल की जाएगी।
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कोविड-19 के संक्रमण के कारण अनाथ हुए बच्चों को केंद्र सरकार की पीएम केयर फॉर चिल्ड्रन योजना से लाभान्वित किया जाएगा। उच्च शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला उपनिदेशकों को पत्र जारी कर पात्र बच्चों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं। योजना के तहत 11 मार्च, 2020 से 31 दिसंबर, 2021 के बीच कोविड-19 महामारी में केवल माता या केवल पिता या माता-पिता दोनों को खोने वाले बच्चों की देखभाल की जाएगी। उन्हें सुरक्षा दी जाएगी। स्वास्थ्य बीमा के माध्यम से उनके स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता को सक्षम किया जाएगा। चिह्नित बच्चों का खाता खोला जाएगा। खाता खोलने के दिन बच्चे की उम्र 18 वर्ष से कम होने पर जिलाधिकारी को अभिभावक के रूप में रखते हुए बच्चे के साथ संयुक्त खाता खोला जाएगा। यदि बच्चे ने इस दौरान 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है तो खाता उनके नाम से खोला जाएगा।
ऐसे बच्चों को 18 साल की उम्र में मासिक वजीफा और 23 साल की उम्र में पीएम केयर्स से 10 लाख का फंड मिलेगा। इन बच्चों की निशुल्क शिक्षा भी दी जाएगी। बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए शिक्षा ऋण प्राप्त करने में सहायता की जाएगी। इस ऋण पर ब्याज का भुगतान पीएम केयर्स फंड से होगा। 10 वर्ष तक बच्चे को निकटतम केंद्रीय विद्यालय या एक निजी स्कूल में डे स्कॉलर के रूप में प्रवेश दिया जाएगा। अगर बच्चे को किसी निजी स्कूल में भर्ती कराया जाता है तो शिक्षा के अधिकार के मानदंडों के अनुसार फीस पीएम केयर्स से दी जाएगी। स्कूल वर्दी, पाठ्यपुस्तकों और नोटबुक पर खर्च के लिए भी पीएम केयर्स से भुगतान किया जाएगा।