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राशन कार्ड के डिजिटलाइजेशन में पिछड़ा हिमाचल, नहीं हो पाया आधार से लिंक
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
Updated Sun, 27 Aug 2017 08:18 AM IST
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केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं खाद्य आपूर्ति राज्य मंत्री सीआर चौधरी ने कहा कि राशन कार्ड के डिजिटलाइजेशन मामले में हिमाचल प्रदेश पिछड़ गया है।
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अभी भी हिमाचल के अधिकतर राशन कार्ड आधार कार्ड से लिंक नहीं हो पाए हैं, जबकि केंद्र सरकार ने इसे आधार से लिंक करने का समय 30 सितंबर तक निर्धारित किया है।
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देश में अंत्योदय केढाई लाख परिवारों को ही अब प्रति राशन कार्ड एक किलो चीनी दी जा रही है। किसी भी राज्य का राशन कोटा कम नहीं किया गया है।
धर्मशाला में प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि हिमाचल के अलावा देश के अन्य कई राज्यों में भी अभी राशन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक नहीं किया गया है।
बायोमीट्रिक आधार पर राशन वितरण पात्रों तक सही तरीके से हो पाएगा। हालांकि डिजिटल राशन कार्ड को आधार से लिंक करने में इंटरनेट की बाधा बन रही है। देश में खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद कई राज्यों का राशन कोटा आंकड़ों के अनुसार कम हुआ है।
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लेकिन, केंद्र सरकार ने इस कोटे में कोई कटौती नहीं की और साल 2010, 11 और 2012 के अनुसार ही राशन की सप्लाई केंद्र से राज्यों में की जा रही है। उन्होंने कहा कि कांगड़ा के शाहपुर में पीपीपी मोड पर एफसीआई का गोदाम स्थापित किया जाएगा।
इसके लिए व्यक्ति अपनी भूमि पर गोदाम बनाकर एफसीआई को दे सकता है। एफसीआई दस सालों तक गोदाम का किराया देकर उसका प्रयोग करेगा।
वहीं नगरोटा बगवां में एफसीआई के गोदाम में अनियमितताओं की जांच के लिए जीएम की अगुवाई में टीम भेजी जाएगी, ताकि वहां कोई कमी होने पर उसे ठीक किया जा सके। इस मौके पर पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता किशन कपूर मुख्य रूप से मौजूद रहे।