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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Digital library will be built in Hydro Engineering College Bilaspur with 60 lakhs, decision taken in the meeti

Digital Library: हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर में 60 लाख से बनेगा डिजिटल पुस्तकालय, बैठक में लिया फैसला

Thu, 31 Aug 2023 09:41 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 31 Aug 2023 09:41 PM IST
सार

बैठक की अध्यक्षता करते हुए तकनीकी शिक्षा सचिव अभिषेक जैन ने हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर को भारत का सर्वश्रेष्ठ हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने की दृष्टि से कार्य करने के निर्देश दिए।

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Digital library will be built in Hydro Engineering College Bilaspur with 60 lakhs, decision taken in the meeti
हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला। - फोटो : संवाद

विस्तार

हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर में 60 लाख रुपये से डिजिटल पुस्तकालय बनेगा। गुरुवार को राज्य सचिवालय में तकनीकी शिक्षा सचिव अभिषेक जैन की अध्यक्षता में हुई कॉलेज के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठक में यह फैसला लिया गया। कॉलेज में 50 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक कंप्यूटर खरीदने और पीएचडी कोर्स शुरू करने का फैसला लिया गया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए तकनीकी शिक्षा सचिव अभिषेक जैन ने हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बिलासपुर को भारत का सर्वश्रेष्ठ हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बनाने की दृष्टि से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने हाइड्रो और पावर क्षेत्र में अनुसंधान केंद्र की स्थापना पर बल दिया जो कि एनटीपीसी और एनएचपीसी संगठनों के सहयोग से गठित किया जाएगा। उन्होंने संस्थान में खेलकूद गतिविधियां बढ़ाने, ग्रीन कैंपस और बोटेनिकल गार्डन स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करने को कहा।

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बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने संस्थान में एक संग्रहालय की स्थापना पर बल दिया। इसमें हाइड्रो व पावर संबंधित परियोजनाओं के मॉडल प्रदर्शित होंगे और छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होगा। बैठक में संस्थान में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसकी अनुमानित राशि लगभग 60 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त संस्थान के लिए 50 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक कंप्यूटर खरीदने का भी निर्णय लिया गया। बोर्ड ने हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय को हाइड्रो इंजीनियरिंग महाविद्यालय में पीएचडी कोर्स शुरू करने के निर्देश भी दिए गए। संस्थान में एक कार्यशाला स्थापित करने का भी निर्णय लिया गया जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक की जानकारी प्राप्त होगी। महाविद्यालय के निदेशक एवं प्रधानाचार्य प्रो. हिमांशु मोगा ने संस्थान में भवन निर्माण व अन्य गतिविधियों के बारे में अवगत करवाया। बैठक में निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल, एनटीपीसी, एनएचपीसी और हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

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