HPU Hostel: हॉस्टलों में फ्री में रहने वाले ध्यान दें, अब आपका क्या होगा, डिजिटल पहचान पत्र लगाएंगे वाट
एचपीयू के हॉस्टलों में फ्री में रहने वालों के लिए बुरी खबर है। इस सत्र से छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल पहचान पत्र जारी होंगे। ये फैसला क्यों लिया गया ये तो आपको आधा समझ आ ही गया होगा। पूरा जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने छात्रावासों के लिए आवेदन करने को पोर्टल खोल दिया है। विवि चीफ वार्डन कार्यालय ने इसके लिए 11 अगस्त की तिथि तय की है। इस सत्र से छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल पहचान पत्र जारी होंगे। पहचान पत्र को स्कैन करने से एचपीयू को हॉस्टल में रहने वाले हर छात्र का पूरा ब्योरा, उसके विभाग और उसको आवंटित रूम की पूरी जानकारी मिलेगी।
विवि छात्रावासों खासतौर पर लड़कों के छात्रावासों में होने वाली हिंसक घटनाओं को रोकने, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध करवाने को लेकर चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने शुक्रवार को बैठक ली। इसमें निर्माण व रखरखाव मंडल के अधिकारियों, वार्डन, सुरक्षा अधिकारी और छात्रावास का गैर शिक्षक स्टाफ भी मौजूद रहा। इसमें नए सत्र के लिए कार्ययोजना बनाई गई। इसके अनुसार विवि में सुरक्षा इंतजाम और पुख्ता किए जाएंगे।
फैसला लिया गया कि छात्रावास आवंटन प्रक्रिया पूरी होने पर सभी विद्यार्थियों को डिजिटाइज्ड पहचान पत्र जारी किए जाएंगे। छात्रावासों में नए चिह्नित किए गए स्थानों पर सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य किया जाएगा। बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए हर छात्रावास के गेट पर कम से कम दो पुलिस कर्मी, सुरक्षा कर्मी की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी। छात्रावासों में अनुशासन तोड़ने वाले छात्रों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। चीफ वार्डन प्रो. आरएल जिंटा ने बताया कि इस बार लड़कियों के दो छात्रावासों में 200 अतिरिक्त छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। बैठक में चर्चा के बाद निर्णय लिया गया कि छात्रावासों को जोड़ने वाली सड़कों की टारिंग और स्ट्रीट लाइट्स को पूरी तरह से सही किया जाएगा। छात्रावासों में खाने की गुणवत्ता में सुधार जाएगा।
सुखाश्रय योजना के तहत छात्रावासों के लिए आने लगे आवेदन
मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार विवि ने इसी सत्र से चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट श्रेणी में आने वाले विद्यार्थियों के लिए सुखाश्रय योजना के तहत छात्रावासों में सीटें आरक्षित करने की व्यवस्था की है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन आने लगे हैं। तय आवेदन तिथि तक ऐसे छात्र छात्रावास के लिए विभाग के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इन विद्यार्थियों के लिए आठ सीटें पीजी कोर्स और पीएचडी शोधार्थियों के लिए आरक्षित रखी गई हैं। खाली रहने की स्थिति में ये सीटें सामान्य वर्ग के आवेदकों को मेरिट के आधार पर आवंटित की जाएंगी। चीफ वार्डन ने बताया कि विवि की वेबसाइट पर सुखाश्रय योजना के तहत आरक्षित सीटों से संबंधित नियम उपलब्ध करवाए गए हैं।