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धर्मशाला: जिंदगी को सांस देने वाले ऑक्सीजन प्लांट खुद वेंटिलेटर पर
Wed, 07 Aug 2024 11:18 AM IST
Krishan Singh
सचिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
सचिन चौधरी, संवाद न्यूज एजेंसी, धर्मशाला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 07 Aug 2024 11:18 AM IST
सार
करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पांच ऑक्सीजन प्लांट सफेद हाथी बने हुए हैं। आज तक अस्पतालों में इनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
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ऑक्सीजन प्लांट
- फोटो : संवाद
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विस्तार
वैश्विक महामारी कोरोनाकाल में लगाए गए ऑक्सीजन प्लांट अनदेखी के कारण खुद वेंटिलेटर पर हैं। जिला कांगड़ा को प्रदेश और केंद्र सरकार के सहयोग से मिले 10 ऑक्सीजन प्लांट में से पांच आज तक शुरू नहीं हो पाए हैं। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी पांच ऑक्सीजन प्लांट सफेद हाथी बने हुए हैं। आज तक अस्पतालों में इनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट तो स्थापित हो गए हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण इनका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है। अनदेखी के चलते जंग खा रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार किसी प्लांट में जनरेटर की सुविधा नहीं है तो किसी को बिजली का कनेक्शन नहीं मिल पाया है। इसके अलावा भी कई अन्य व्यवस्थाएं पूरी न होने के कारण यह पांच प्लांट शुरू नहीं हो पाए हैं। अगर यह ऑक्सीजन प्लांट शुरू हो जाएं तो अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को इनका लाभ मिल पाएगा। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को ऑक्सीजन सिलिंडरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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बता दें कि कोरोनाकाल के दौरान महामारी ने कई संक्रमित मरीजों के फेफड़ों पर प्रहार किया था, जिस वजह से मरीजों को सांस लेने में दिक्कत पेश आ रही थी।
इस दौरान सरकार की ओर से जिले के बड़े अस्पतालों में जहां कोरोना मरीजों को रखा गया था वहां ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए थे ताकि मरीजों को बिस्तरों पर ही प्लांट के जरिये ऑक्सीजन मुहैया करवाई जा सके। मौजूदा समय में जोनल अस्पताल धर्मशाला में दो, टांडा मेडिकल कॉलेज में एक, नूरपुर अस्पताल में एक और एक ऑक्सीजन प्लांट पालमपुर अस्पताल में काम कर रहा है। इसके अलावा इंदौरा और पपरोला अस्पताल के अलावा तीन अन्य अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट सफेद हाथी बने हुए हैं।
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जिला कांगड़ा में इस समय 10 में से पांच ऑक्सीजन प्लांट काम कर रहे हैं। इसके अलावा पांच प्लांटों में कुछ सुविधाएं पूरी न होने के कारण वे शुरू नहीं हो पाए हैं। जल्द कमियों को दूर करने के बाद प्लांटों को शुरू कर दिया जाएगा। -डॉ. राजेश गुलेरी, सीएमओ, कांगड़ा
इंदौरा अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट को चलाने के लिए ट्रांसफार्मर के लिए बजट का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है, लेकिन एक साल से अधिक का समय हो गया है। अभी तक इसे कोई मंजूरी नहीं मिली है।-डॉ. संदीप, बीएमओ इंदौरा