फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kangra News ›   Dharamshala: Om Birla said- Make your legislatures more efficient by managing resources and adopting innovatio

धर्मशाला: ओम बिरला बोले- विधानमंडलों को संवाद, नवाचार और उत्कृष्टता का केंद्र बनाएं चुने हुए प्रतिनिधि

Tue, 01 Jul 2025 01:36 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Published by: Krishan Singh Updated Tue, 01 Jul 2025 01:36 PM IST
सार

धर्मशाला के तपोवन विधानसभा में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र, जोन-2 के वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने यह बात कही। 

विज्ञापन
Dharamshala: Om Birla said- Make your legislatures more efficient by managing resources and adopting innovatio
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला - फोटो : संवाद

विस्तार

 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि विधानमंडलों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं, नवाचारों और प्रौद्योगिकी को साझा करने से लोकतांत्रिक संस्थाएं सशक्त होती हैं।  धर्मशाला के तपोवन विधानसभा में राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र, जोन-2 के वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए उन्होंने यह बात कही। उन्होंने संसाधनों के प्रबंधन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) जैसे नवाचारों को अपनाकर विधानमंडलों को अधिक कुशल बनाने का आह्वान किया। यदि प्रत्येक जनप्रतिनिधि प्रौद्योगिकी का प्रभावी ढंग से उपयोग करे तो वह अपने निर्वाचन क्षेत्र की चुनौतियों का बेहतर ढंग से समाधान कर सकता है।

विज्ञापन


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक राष्ट्र एक विधायी मंच पहल का उल्लेख करते हुए बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत की संसद निकट भविष्य में सभी राज्य विधानमंडलों के लिए एक साझा मंच तैयार करेगी। डिजिटल पहल का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की संसद संसदीय कार्य में दक्षता बढ़ाने के लिए एआई का व्यापक रूप से उपयोग कर रही है। केंद्रीय विधानमंडल के रूप में संसद की यह जिम्मेदारी है कि वह पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को बढ़ावा देने के लिए इन आधुनिक तकनीकी साधनों को राज्य विधानसभाओं के साथ साझा करे।
विज्ञापन


बिरला ने आग्रह किया कि सरकार को सभी नागरिकों, विशेष रूप से उपेक्षित वर्गों के लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए सुशासन और सामाजिक कल्याण सुनिश्चित करना चाहिए। विधायकों और विधायी निकायों का भी यह कर्तव्य है कि जनता की सौंपी जिम्मेदारियों को पूरा कर लोगों के जीवन में सकारात्मक सामाजिक-आर्थिक बदलाव लाएं। निकायों को प्रगति के लिए आधुनिक तौर-तरीकों को अपनाते हुए विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण जैसे प्रमुख मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। ग्राम पंचायतों से लेकर नगर पालिकाओं और राज्य विधानसभाओं तक, निर्वाचित प्रतिनिधियों को अपनी संस्थाओं को संवाद, नवाचार और उत्कृष्टता का केंद्र बनाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


लोकतांत्रिक सुधारों की धरती है हिमाचल : बिरला
हिमाचल की गौरवशाली लोकतांत्रिक विरासत के बारे में बात करते हुए ओम बिरला ने कहा कि हिमाचल देवभूमि, अध्यात्म और वीरभूमि के नाम से जानी जाती है। यह लोकतांत्रिक सुधारों की धरती है। हिमाचल के लोग अपनी देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते हैं। 1921 में पीठासीन अधिकारियों का पहला सम्मेलन शिमला में आयोजित हुआ था। बिट्ठलभाई पटेल भी हिमाचल से केंद्रीय विधान परिषद के सभापति चुने गए थे। हिमाचल विधान सभा देश की पहली पेपरलेस विधानसभा है। हम 2026 तक सारे राज्यों की विधानसभाओं को एक मंच पर ला सकते हैं। अगर किसी को किसी को तकनीकी मार्गदर्शन की जरूरत है तो वह उपलब्ध करवाया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed