पुराने रिश्ते निभाने एसपी नेगी से मिलने जेल पहुंचे डीजीपी
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हिमाचल में सत्ता परिवर्तन के बाद डीजीपी बने सीताराम मरडी बीते दिनों कैथू जेल में बंद शिमला के पूर्व एसपी डीडब्ल्यू नेगी से मिलने पहुंचे। भले ही जेल प्रशासन ने उनकी इस मुलाकात को गोपनीय रखा लेकिन अब चर्चाओं का दौर गर्म है।
कयास लगाए जा रहे हैं कि आखिर डीजीपी उनसे मिलने क्यों गए। पुराना रिश्ता निभाया जा रहा है या कुछ और। जेल सुपरिंटेंडेंट के कमरे में दोनों में करीब 15 मिनट तक बातचीत हुई। बहुचर्चित गुडि़या प्रकरण से जुड़े सूरज हत्याकांड के आरोपी डीडब्ल्यू नेगी इन दिनों कैथू जेल में बंद हैं।
इस मामले की छानबीन सीबीआई कर रही है। सीबीआई ने हाल ही में नेगी के खिलाफ सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है। पिछली सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के करीबी माने जाने वाले नेगी को आईपीएस की कैडर पोस्टिंग के नियमों को दरकिनार कर एसपी शिमला के पद तैनाती दी गई।
इसी दौरान ही बहुचर्चित गुडि़या प्रकरण से जुड़े लॉकअप हत्याकांड में आईजी जैदी, एसपी नेगी समेत नौ पुलिस वालों को सीबीआई ने सूरज की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद से नेगी कैथू जेल में हैं।
नियमों को दरकिनार कर की मुलाकात
इस बीच 10 फरवरी को डीजीपी सीताराम मरडी पुलिस लाइन कैथू का निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान वहां चल रहे निर्माण को रुकवाने के बाद डीजीपी अचानक कैथू जेल पहुंच गए।
उन्होंने डीडब्ल्यू नेगी से जेल सुपरिंटेंडेंट के कमरे में अनौपचारिक मुलाकात की। इस मुलाकात पर डीजीपी मरडी का कहना है कि वह पुलिस लाइन में चल रहे निर्माण को रुकवाने गए थे।
मरडी ने माना कि वह जेल के अंदर नहीं गए, बल्कि जेल के बाहर बने जेल सुपरिंटेंडेंट के कमरे में कुछ देर डीडब्ल्यू नेगी से मिले थे। जेल सुपरिंटेंडेंट कैथू ललित मोहन शर्मा ने डीजीपी और नेगी की मुलाकात की पुष्टि की है।
नियमों को दरकिनार कर की मुलाकात
डीजीपी मरडी और नेगी की मुलाकात के दौरान जेल में बंदी से मुलाकात और निरीक्षण के लिए नियम भी दरकिनार हुए। जेल में बंद कैदी को सिर्फ कोर्ट या अस्पताल ले जाने के लिए ही जेल से बाहर लाया जा सकता है।
वहीं, हर कैदी अपने रिश्तेदारों व परिचितों की सूची जेल विभाग को मुहैया कराता है जिसके आधार पर तय समय पर जेल के मुलाकात घर में बंदी और परिचित की मुलाकात हो सकती है।
किसी अफसर के जेल में निरीक्षण या किसी केस के सिलसिले में जाने के लिए कोर्ट से अनुमति लेना जरूरी होता है। लेकिन इस मुलाकात के दौरान किसी नियमों का पालन नहीं किया गया।