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DGGI: सीएम जयराम बोले- प्रशासन की गुणवत्ता मापने वाला पहला राज्य बना हिमाचल
Mon, 19 Sep 2022 09:03 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 19 Sep 2022 09:03 PM IST
सार
जिला सुशासन सूचकांक (डीजीजीआई) शासन की गुणवत्ता का आकलन करने में मददगार साबित होगा और इसकी रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन और विभिन्न विभाग अपनी कार्यप्रणाली में और सुधार के लिए आवश्यक कदम भी उठा सकेंगे।
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सीएम जयराम ने किए उद्घाटन व शिलान्यास।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रशासन की गुणवत्ता मापने वाला हिमाचल पहला राज्य बना है। जिला सुशासन सूचकांक (डीजीजीआई) शासन की गुणवत्ता का आकलन करने में मददगार साबित होगा और इसकी रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन और विभिन्न विभाग अपनी कार्यप्रणाली में और सुधार के लिए आवश्यक कदम भी उठा सकेंगे। वह विपाशा सदन में जिला सुशासन सूचकांक-2021 पुरस्कार वितरण समारोह में बोल रहे थे। सीएम ने डीजीजीआई के विजेता जिलों के उपायुक्तों को पुरस्कार प्रदान किए। जिला कांगड़ा को सुशासन सूचकांक सूचकांक-2021 में पहला स्थान मिला।
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उपायुक्त कांगड़ा डॉ. निपुण जिंदल को सीएम ने 50 लाख रुपये का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। उपायुक्त बिलासपुर पंकज राय को दूसरे नंबर पर रहने पर 35 लाख, उपायुक्त ऊना राघव शर्मा को तीसरे स्थान पर आने पर 25 लाख रुपये पुरस्कार प्रदान किया गया। खराब रैंकिंग वाले जिलों के अधिकारियों को जमीनी स्तर पर और बेहतर प्रशासन प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि अगले वर्ष उनकी रैंकिंग में सुधार किया जा सके। सीएम ने इस दौरान हिमाचल प्रदेश के होटलों के लिए ग्रीन स्टार रेटिंग इनिशिएटिव (हिमगृह) का शुभारंभ भी किया।
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वहीं, मंडी में लगभग साढे़ तीन करोड़ रुपये से बनने वाले हिमाचल प्रदेश राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय एवं आवासीय भवन का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि जिला सुशासन सूचकांक-2021 की तीसरी रिपोर्ट सभी 12 जिलों के द्वितीय आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है और इसमें सभी जिलों के तुलनात्मक मूल्यांकन के लिए आठ मुख्य विषयों, 19 फोकल बिंदुओं और 76 संकेतकों पर डाटा एकत्र किया गया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने वर्ष 2018 से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में प्रशासन की गुणवत्ता मापने का काम शुरू किया है।
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ठोस कचरा प्रबंधन पर कॉमिक का किया विमोचन
मुख्यमंत्री ने ठोस कचरा प्रबंधन पर एक कॉमिक (चित्रकथा) पुस्तक ‘वार्ड सदस्य मीनू’ का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश अपने प्राकृतिक सौंदर्य और स्वच्छ पर्यावरण के लिए जाना जाता है, लेकिन इसे बरकरार रखने के लिए निरंतर प्रयास करने की आवश्यकता है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से होटलों के लिए शुरू की गई हिमाचल प्रदेश ग्रीन स्टार रेटिंग इनिशियेटिव (हिमगृह) लोगों को सतत एवं हरित प्रयासों के लिए प्रेरित करेगी। प्रदेश में चार हजार से अधिक होटल और होम-स्टे संचालित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पर्यावरण से संबंधित कारोबारी प्रतिष्ठान और गतिविधियां पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है।