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खाली पिंजरों से तेंदुआ पकड़ रहा वन महकमा

Tue, 16 Nov 2021 10:24 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 16 Nov 2021 10:24 PM IST
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Department waiting for leopard to be trapped in empty cages
शिमला। शहरवासी तेंदुए की दहशत में हैं। आए दिन शहर के अलग-अलग वार्डों में तेंदुए दिख रहे हैं। वन्यजीव विभाग की ओर से लगाए गए कैमरों में भी कई तेंदुए की मूवमेंट नजर आ रही है। लेकिन इन्हें पकड़ने के लिए विभाग ने जो पिंजरे लगाए हैं, तेंदुआ उसमें नहीं आ रहा। ऐसा इसलिए हो रहा है, क्योंकि ये पिंजरे खाली पड़े हैं। वन्यजीव विभाग इन खाली पिंजरों में तेंदुए के फंसने का इंतजार कर रहा है।
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अमर उजाला टीम ने मंगलवार को कनलोग और डाउनडेल के जंगलों में तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए पिंजरों का रियलिटी चेक किया तो ज्यादातर पिंजरे खाली मिले। स्थानीय लोग बोले कि पिंजरों में मांस डालना तो दूर, अब कोई इनकी सुध लेने तक नहीं आ रहा। कनलोग में पांच अगस्त की रात जिस निर्माणाधीन भवन से छह साल की बच्ची को तेंदुआ उठा ले गया था, उससे करीब दस मीटर दूर जंगल में विभाग ने पिंजरा लगा रखा है। मौके पर रहने वाले मजदूरों ने बताया कि एक महीने से ये पिंजरे खाली हैं। वन विभाग इन्हें देखने तक नहीं आया। पिंजरे में तेंदुआ आए, इसके लिए खुद ही पिछले महीने मांस का प्रबंध किया था। बताया कि दो दिन पहले तेंदुआ फिर यहां दिखा था।
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यदि पिंजरे में मांस होता तो इसमें फंस सकता था। इसी तरह डाउनडेल के जंगल में खलीनी टूटीकंडी बाईपास के समीप लगा पिंजरा भी खाली पड़ा है। यहां बीते हफ्ते एक लावारिस कुत्ता पिंजरे में फंस गया था। दोपहर तक यह इसमें बंद रहा। लोगों के सूचना देने पर इसे बाहर निकाला गया। स्थानीय लोग भी सवाल उठा रहे हैं कि पिंजरे नियमित चेक हो भी रहे हैं या नहीं। कुछेक पिंजरों में मांस तो बचा है, लेकिन यह सड़ चुका है।
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अब तो दिन में भी दिखने लगे तेंदुए
शहर के बीसीएस इलाके में मंगलवार दोपहर के समय एक तेंदुआ रिहायशी इलाके के साथ लगते जंगल में घूमते देखा गया। कुछ लोगों ने इसकी वीडियो बना ली और स्थानीय पार्षद आशा शर्मा को भेजी। पार्षद ने बताया कि उनके वार्ड में दो दिन पहले भी तेंदुए ने एक कुत्ते को उठा लिया। अब मंगलवार को दिन में घूमता देखा गया। उधर, बैनमोर में मच्छी वाली कोठी के समीप मादा तेंदुआ अपने शावकों के साथ दिखी है। पार्षद किमी सूद ने बताया कि सोमवार शाम करीब साढ़े छह बजे वार्ड के कई लोगों ने इसे देखा है। दोनों पार्षदों ने इलाके में पिंजरे लगाने की मांग की है। हालांकि, वन्यजीव विभाग का कहना है कि अभी सिर्फ कनलोग और डाउनडेल के जंगल में ही तेंदुए को पकड़ने पर फोकस किया जा रहा है।

तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरे के साथ बिछाया केमिकल का जाल
शिमला। शहर के साथ लगते जंगलों में लगाए गए पिंजरों में तेंदुआ नहीं फंस रहा। केंद्रीय वन्यजीव विभाग की टीम ने अब केमिकल के जरिये तेंदुए को पकड़ने का प्लान बनाया है। केंद्रीय टीम अपने साथ कुछ केमिकल लेकर आई है, जिसकी सुगंध काफी दूर तक जाती है। तेंदुआ इस सुगंध से आसपास खाने की चीज या मांस समझकर इसकी ओर आकर्षित होता है। यह सुगंध काफी दिन तक रहती है। पहले भी इसके प्रयोग से काफी तेंदुए पकड़ने में सफलता मिली है। अब पिंजरों में इस केमिकल को लगाया जाएगा। साथ ही इसमें रखे जाने वाले मांस पर भी यह केमिकल लगाया जाएगा। शहर में तेंदुए को पकड़ने के अभियान की अगुवाई कर रहे एपीसीसीएफ अनिल ठाकुर ने बताया कि अब तेंदुए को पकड़ने की मुहिम जारी है। कहा कि विभाग का फील्ड स्टाफ रोजाना पिंजरे चेक कर रहा है। जरूरत के अनुसार इनकी लोकेशन भी बदल रहे हैं।
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