हिमाचल में डेंगू के डंक से पहली मौत, मचा हड़कंप
हिमाचल में डेंगू से मौत का पहला मामला सामने आया है। इससे हड़कंप की स्थिति है। स्वास्थ्य विभाग ने एहतियातन पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। मंडी अस्पताल में भर्ती मरीज रविंद्र कुमार (43) पुत्र लक्ष्मीदास निवासी असलू, डैहर (मंडी) को रविवार दोपहर पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया। स्वारघाट के पास उसकी तबीयत और खराब हो गई।
उसे वापस बिलासपुर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसने रास्ते में दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बिलासपुर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मंडी में मरीज के कराए टेस्ट में डेंगू की रिपोर्ट पॉजिटिव थी। उसे शुगर, हड्डियों से संबंधित और शरीर में इंफेक्शन की शिकायत भी थी।
मंडी से पीजीआई रेफर मरीज ने बिलासपुर अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम
हिमाचल के तीन जिलों बिलासपुर, सोलन और मंडी में इन दिनों डेंगू बेकाबू है। अब तक 1100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। जिला प्रशासन और सरकार की तमाम कोशिशें नाकाम हो गई हैं। रविंद्र को 17 अगस्त की रात अचानक तबीयत खराब होने पर परिजन सुंदरनगर अस्पताल ले गए।
यहां से उसे शनिवार को मंडी अस्पताल रेफर किया। यहां डॉक्टरों ने डेंगू की पुष्टि की, लेकिन अगले ही दिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे पीजीआई रेफर कर दिया। उधर, एसएमओ बिलासपुर डॉ. सतीश शर्मा का कहना है कि मंडी से रेफर डेंगू के मरीज की अस्पताल में मौत हो गई है।
रविवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। फोरेंसिक लैब मंडी को बिसरा के सैंपल भेज दिए गए हैं। एमओएच एवं डेंगू के नोडल अधिकारी डॉ. परविंद्र का कहना है कि शुगर के मरीज को अगर डेंगू हो जाए तो उसकी मौत होने का खतरा बढ़ जाता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से ही असल कारणों का खुलासा होगा।
अब तक आए 1123 मामले
सोलन जिले में अब तक डेंगू के 557, बिलासपुर में 513, मंडी में 35, कांगड़ा में 11, हमीरपुर और सिरमौर में 1-1 और शिमला में 5 पांच पॉजिटिव मामले सामने आ चुके हैं। बिलासपुर में रविवार को 17 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें चार डैहर के हैं।
बिलासपुर में डेंगू के चलते बीते दिनों एक सप्ताह के लिए साई हॉस्टल और आधे दिन के लिए डिग्री कॉलेज बंद करना पड़ा था। डियारा सेक्टर के कई लोग रिश्तेदारों के यहां पलायन कर चुके हैं।
बिलासपुर में मंडी के मरीज की डेंगू से मौत की अभी सूचना नहीं मिली है। प्रदेश भर में अस्पताल प्रशासन और सीएमओ को अलर्ट कर दिया है। दवाइयां उपलब्ध हैं। टीमें फील्ड में हैं। जागरूक किया जा रहा है। - डा. बलदेव कुमार, निदेशक स्वास्थ्य विभाग