प्रदर्शन: ऊना में लहराए भिंडरावाला की तस्वीर वाले झंडे
प्रदर्शनकारी जिला सचिवालय में दाखिल होने के बाद भी बैखौफ तरीके से भिंडरावाला के झंडे लहराते रहे और मौके पर तैनान किसी पुलिसकर्मी ने उन्हें ऐसा करने से नहीं रोका। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने डीसी राघव शर्मा एवं एसपी अर्जित सेन ठाकुर से इंसाफ की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा में किरपाणधारी युवक को परीक्षा केंद्र में न बैठाने के आरोप में वीरवार को सिख संगठनों ने जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान दो प्रदर्शनकारियों के हाथ में जरनैल भिंडरावाला की फोटो वाले झंडे भी नजर आए। प्रदर्शनकारी जिला सचिवालय में दाखिल होने के बाद भी बैखौफ तरीके से भिंडरावाला के झंडे लहराते रहे और मौके पर तैनान किसी पुलिसकर्मी ने उन्हें ऐसा करने से नहीं रोका। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने डीसी राघव शर्मा एवं एसपी अर्जित सेन ठाकुर से इंसाफ की मांग करते हुए एक ज्ञापन सौंपा।
एसपी ने इस मामले में जांच करवाने और तीन दिन के भीतर तथ्य सामने लाने का आश्वासन दिया। तब जाकर विरोध प्रदर्शन शांत हुआ।
गौर हो कि बीते दिनों भी पंजाब से आने वाले लोगों की गाडि़यों पर भिंडरावाला के झंडों के इस्तेमाल को लेकर हुए विवाद में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी इस प्रकार के झंडों के इस्तेमाल को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था। उधर, प्रदर्शन में जरनैल भिंडरावाला की फोटो वाले झंडों के इस्तेमाल पर एसपी अर्जित सेन ने कहा कि अभी मामला उनके संज्ञान में नहीं है। कहा कि अगर इससे जुड़ी कोई शिकायत मिलती है तो जांच की जाएगी।
माहौल खराब करने का प्रयास : शिव दत्त
शिवसेना (बाल ठाकरे) के प्रदेश अध्यक्ष शिव दत्त ने भिंडरावाले की फोटो वाले झंडों के इस्तेमाल को लेकर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि यह गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए। यह माहौल खराब करने के प्रयासों के अलावा कुछ नहीं है। इसको लेकर कार्रवाई होनी चाहिए।
कई सिख बच्चों ने लिया हिस्सा, जल्द तथ्य सामने होंगे : एसपी
उधर, प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे एसजीपीसी हिमाचल के सदस्य व शिरोमणि अकाली दल के प्रदेश प्रधान दलजीत सिंह भिंडर ने कहा कि एक सिख बच्चे का भविष्य खराब हुआ है। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उस बच्चे को दोबारा परीक्षा देने का मौका मिलना चाहिए। एसपी अर्जित सेन ठाकुर ने कहा कि परीक्षा में कई सिख बच्चों ने हिस्सा लिया और उनमें किरपाणधारी भी थे। ऐसे में केवल एक बच्चे के साथ ऐसा क्यों किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन दिन के भीतर तथ्य सामने लाए जाएंगे।