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राजधानी की सफाई व्यवस्था और पार्किंग को हाईटेक बनाने की तैयारी
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ट्रैकिंग सिस्टम से चलेगा पता कितने घरों से उठा कूड़ा, स्मार्ट सिटी के तहत व्यवस्था को हाईटेक बनाने की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्मार्ट सिटी मिशन के अब राजधानी की सफाई व्यवस्था को भी हाईटेक बनाने की तैयारी चल रही है। सरकार आईटी विभाग के साथ ऐसा प्रस्ताव बना रही है जिससे हर घर की सफाई व्यवस्था पर भी नजर रखी जा सके।
सैहब सोसायटी के कर्मचारी ने रोज हर घर से कूड़ा उठाया है या नहीं, इसकी आनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीरवार को स्मार्ट सिटी के कमांड एंड कंट्रोल प्रोजेक्ट पर बुलाई समीक्षा बैठक के दौरान इस योजना पर चर्चा की गई। बैठक में आईटी विभाग और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे। आईटी विभाग ही शिमला शहर पर निगरानी रखने के लिए तैयार हो रहे कमांड एंड कंट्रोल प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। योजना के अनुसार हर घर के बाहर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। सैहब कर्मी कूड़ा उठाने के बाद मोबाइल से इस कोड को रोज स्कैन करेगा। इससे कंट्रोल सेंटर में रिकॉर्ड आ जाएगा कि इस घर से कूड़ा उठ गया है। सभी घरों का रिकॉर्ड रोजाना अपडेट रहेगा। नगर निगम को पुख्ता रिकॉर्ड मिलता रहेगा कि किन इलाकों में कितने घरों से कूड़ा उठा है। हालांकि, अभी यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है। यदि इसे अमलीजामा पहनाना है तो आने वाले दिनों में इस पर काफी कसरत करनी पड़ेगी। इसी तरह पानी के मीटरों की भी ऑटोमैटिक रीडिंग करने की तैयारी है।
सैलानियों के लिए तैयार होगा पार्किंग ऐप
शिमला घूमने आने वाले सैलानियों के लिए पार्किंग ऐप तैयार करने की भी योजना है। इस ऐप से सभी पार्किंग को जोड़ा जाएगा। शहर में पहुंचने से पहले ही सैलानी को पता चल जाएगा कि किस पार्किंग में जगह है। ऐसे में उसे पार्किंग के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। एमसी पिछले काफी समय से इस योजना को लागू करने का दावा करता रहा है, लेकिन इसे अभी तक सिरे नहीं चढ़ाया जा सका है। अब स्मार्ट सिटी के पैसों से इसे लागू करने की तैयारी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। स्मार्ट सिटी मिशन के अब राजधानी की सफाई व्यवस्था को भी हाईटेक बनाने की तैयारी चल रही है। सरकार आईटी विभाग के साथ ऐसा प्रस्ताव बना रही है जिससे हर घर की सफाई व्यवस्था पर भी नजर रखी जा सके।
सैहब सोसायटी के कर्मचारी ने रोज हर घर से कूड़ा उठाया है या नहीं, इसकी आनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में वीरवार को स्मार्ट सिटी के कमांड एंड कंट्रोल प्रोजेक्ट पर बुलाई समीक्षा बैठक के दौरान इस योजना पर चर्चा की गई। बैठक में आईटी विभाग और नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद रहे। आईटी विभाग ही शिमला शहर पर निगरानी रखने के लिए तैयार हो रहे कमांड एंड कंट्रोल प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। योजना के अनुसार हर घर के बाहर क्यूआर कोड लगाया जाएगा। सैहब कर्मी कूड़ा उठाने के बाद मोबाइल से इस कोड को रोज स्कैन करेगा। इससे कंट्रोल सेंटर में रिकॉर्ड आ जाएगा कि इस घर से कूड़ा उठ गया है। सभी घरों का रिकॉर्ड रोजाना अपडेट रहेगा। नगर निगम को पुख्ता रिकॉर्ड मिलता रहेगा कि किन इलाकों में कितने घरों से कूड़ा उठा है। हालांकि, अभी यह प्रस्ताव प्रारंभिक चरण में है। यदि इसे अमलीजामा पहनाना है तो आने वाले दिनों में इस पर काफी कसरत करनी पड़ेगी। इसी तरह पानी के मीटरों की भी ऑटोमैटिक रीडिंग करने की तैयारी है।
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सैलानियों के लिए तैयार होगा पार्किंग ऐप
शिमला घूमने आने वाले सैलानियों के लिए पार्किंग ऐप तैयार करने की भी योजना है। इस ऐप से सभी पार्किंग को जोड़ा जाएगा। शहर में पहुंचने से पहले ही सैलानी को पता चल जाएगा कि किस पार्किंग में जगह है। ऐसे में उसे पार्किंग के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ेगा। एमसी पिछले काफी समय से इस योजना को लागू करने का दावा करता रहा है, लेकिन इसे अभी तक सिरे नहीं चढ़ाया जा सका है। अब स्मार्ट सिटी के पैसों से इसे लागू करने की तैयारी है।
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