हिमाचल में तेज हुई अलग एसजीपीसी की मांग
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी के कथित तानाशाही रवैये से नाराज हिमाचल में रहने वाले सिख समुदाय के लोग भी अब अपनी एसजीपीसी बनाने की तैयारी में हैं। हरियाणा सिख समुदाय ने पहले ही अपनी अलग एसजीपीसी गठित कर ली है।
गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा प्रबंधक कमेटी नेरचौक के चेयरमैन राजीव सिंह रुपल, अध्यक्ष निर्मल सिंह और महासचिव आनंद सिंह ने कहा कि हिमाचल के साथ सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी सौतेला व्यवहार करती आई है।
आज तक संस्था की ओर से किसी तरह की मदद नहीं उपलब्ध करवाई गई। गौरतलब है कि इससे पहले शिमला में भी अलग एसजीपीसी बनाने की मांग उठ चुकी है।
वित्तीय सहायता न मिलने से नाराज से समुदाय
प्रदेश में करीब 200 से अधिक गुरुद्वारे हैं। इनमें मात्र 14-15 गुरुद्वारों का जिम्मा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधन कमेटी ने संभाल रखा है। हैरत इस बात की है कि एसजीपीसी द्वारा आज तक इन गुरुद्वारों के संचालन और प्रबंधन के लिए कोई वित्तीय सहायता मुहैया नहीं करवाई है।
हिमाचल प्रदेश में सिखों की लगभग सवा लाख से ज्यादा आबादी है। इसके बावजूद एसजीपीसी ने प्रदेश को मात्र एक सीट दी है।
आने वाले दिनों में हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल में भी समुदाय के लोग अलग एसजीपीसी के लिए एकजुट हो सकते हैं।