आय से अधिक संपत्ति मामले में सीएम वीरभद्र को बड़ा झटका
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हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को अंतरिम राहत प्रदान करने से इनकार कर दिया। अदालत ने उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉड्रिंग मामले की जांच पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी के समक्ष मुख्यमंत्री ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ मनी लॉंड्रिंग मामले में की जा रही जांच पर रोक लगाने व जांच रद्द करने की गुहार लगाई है। इसके अलावा उन्होंने ईडी द्वारा उन्हें 17 मार्च को पेश करने संबंधी आदेश पर भी छूट मांगी थी।
अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि जांच पर रोक क्यों लगाई जाए। उन्हें नहीं लगता कि अभी मामला जिस स्थिति में है उसमें रोक लगाना उचित होगा। इसकी इतनी अति-आवश्यकता क्या है। हमें व्यवहारिक होना चाहिए। इस मामले में ऐसा व्यापक आदेश नहीं हो सकता है।
सीएम के वकील ने दी थी ये दलीलें
अदालत ने मामले में ईडी को नोटिस जारी कर इस मुद्दे पर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 31 मई को होगी। सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किल को ईडी ने 17 मार्च के लिए समन किया है। अभी राजनीतिक हल्कों में जो उथल-पुथल चल रही है ऐसे में उन्हें अंदेशा है कि उनके मुवक्किल को गिरफ्तार किया जा सकता है।
इसके अलावा अधिवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में बजट सत्र चल रहा है। वीरभद्र सिंह हिमाचल के मुख्यमंत्री होने के साथ वित्त मंत्री भी हैं। ऐसे में उन्हें पेशी से छूट दिए जाने व उनके खिलाफ किसी भी तरह की कड़ी कार्रवाई न करने के आदेश जारी किए जाएं।
एडीशनल सॉलिसिटर जनरल संजय जैन ने अदालत को बताया कि 17 मार्च के लिए ईडी ने मुख्यमंत्री को व्यक्तिगत रूप से पेश होने की बाध्यता तय नहीं की है। ऐसे में उन्हें व्यक्तिगत रूप से पेश होने की कोई जरूरत नहीं है। इस पर अदालत ने कहा कि ऐसे में याचिकाकर्ता को कोई चिंता करने की जरूरत नहीं है।