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सीएम वीरभद्र को दिल्ली हाईकोर्ट से झटका, मनी लॉन्ड्रिंग केस रद्द करने की याचिका खारिज

Tue, 04 Jul 2017 09:41 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 04 Jul 2017 09:41 AM IST
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Delhi HC rejects plea of Himachal CM Virbhadra Singh seeking quashing of money laundering case

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह व अन्य को मनी लॉंड्रिंग मामले में भी हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली। अदालत ने उनकी उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मनी लॉंड्रिंग के मामले को रद्द करने का आग्रह किया गया था। ईडी ने यह मामला मनी लॉंड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज किया है।

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न्यायमूर्ति आरके गाबा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह के अलावा उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह व दो अन्य की याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि संभावित गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती के खिलाफ याचिका को अनुमति नहीं दी जा सकती। अदालत ने कहा कि प्रवर्तन अधिकारियों को पूर्ण व प्रभावी जांच के उद्देश्य से दी गई शक्तियों में किसी व्यक्ति को बुलाने व जांच करने की शक्ति शामिल है। इससे पहले ईडी ने वीरभद्र सिंह को पूछताछ में शामिल होने के लिए समन भेजा था।

6.1 करोड़ की अधिक संपत्ति जुटाने की जांच कर रही है ईडी

Delhi HC rejects plea of Himachal CM Virbhadra Singh seeking quashing of money laundering case

अदालत ने कहा कि कानून कहता है कि समन किया गया हर व्यक्ति सच बोलने के लिए बाध्य है और इस तरह की जांच प्रक्रिया के समय समन किया गया व्यक्ति आरोपी नहीं होता। 

अदालत ने फैसले में कहा कि कोई भी व्यक्ति इस आधार पर पीएमएलए की धारा 50 के तहत जारी समन के आदेश से बचने का कानून में हकदार नहीं है कि भविष्य में उसके खिलाफ  कार्रवाई की संभावना हो सकती है।

ईडी ने सितंबर 2015 में 83 वर्षीय वीरभद्र सिंह व अन्य पर पीएमएलए के तहत मामला दर्ज किया था। ईडी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज आपराधिक शिकायत के संज्ञान में आने पर इस मामले को दर्ज किया था।

उच्च न्यायालय ने हाल ही में वीरभद्र सिंह व उनकी पत्नी पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में प्राथमिकी रद्द करने से इनकार कर दिया था।

सीबीआई ने 31 मार्च को यह फैसला आते ही वीरभद्र सिंह व अन्य के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। इस याचिका में वीरभद्र सिंह ने दावा किया था कि प्राथमिकी दर्ज करना बदले की राजनीति का नतीजा है।

6.1 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति जुटाने के आरोप

Delhi HC rejects plea of Himachal CM Virbhadra Singh seeking quashing of money laundering case

अदालत ने कहा जो भी सार्वजनिक जीवन में हैं, उससे ईमानदारी की उम्मीद की जाती है। जीवन में या राजनीतिक उच्च पद पर होने पर जिम्मेदारी व यदि कानूनी नहीं, तो नैतिक जवाबदेही भी होती है। अपने मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की जांच रोकने के प्रयास खास तौर से तकनीकी तौर पर इस बात की संभावना को दिखाते हैं कि छुपाने के लिए कुछ है।


ईडी वीरभद्र सिंह व उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ 2009 व 2011 के बीच उनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में 6.1 करोड़ रुपये की अधिक संपत्ति जुटाने के आरोपों की जांच कर रही है। इस दौरान वीरभद्र सिंह केंद्रीय इस्पात मंत्री थे। इस मामले में पीएमएलए के तहत 14 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई है।

ईडी ने जुलाई 2016 में आनंद चौहान नामक एक एलआईसी एजेंट को भी पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया। ईडी ने आरोप लगाया है कि वीरभद्र सिंह ने केंद्रीय मंत्री रहते हुए चौहान के माध्यम से अपने व अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर एलआईसी पॉलिसी खरीदने में भारी रकम निवेश की है।

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