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करोड़ों की चल-अचल संपत्ति के मालिक कुल्लू के देवता

Sun, 21 Oct 2018 11:08 AM IST
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू
रोशन ठाकुर, अमर उजाला, कुल्लू Updated Sun, 21 Oct 2018 11:08 AM IST
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deity of Kullu is Millions of movable and immovable property owner

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा में आए देवी देवताओं के देवरथों में करोड़ों का सोना-चांदी और जड़ा हुआ है। उत्सव में आए 137 देवी देवता के पास अपनी जमीन भी है। करीब सौ से अधिक देवी देवताओं के रथों में लगाए देव छत्र और मुख मोहरों की कीमत करोड़ों में है।

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हालांकि सुरक्षा कारणों के चलते देवी देवताओं की कुल संपत्ति का खुलासा नहीं किया जा सकता है। जिला और प्रदेश में हो रही देव देवताओं की चोरी की घटना से सहमे अधिकतर कारकूनों और देवलुओं ने देवरथों की सुरक्षा के चलते कारकूनों ने अपने देवताओं की पूरी संपत्ति को खुलासा करने से मना कर दिया है।

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छत्र में जड़ा होता है सबसे अधिक सोना

deity of Kullu is Millions of movable and immovable property owner

कहा कि देवी देवता स्वयं अपनी रक्षा करने में सक्षम हैं। बावजूद इसके देवताओं की संपत्ति को उजागर करना उचित नहीं है।प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन देवी देवताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।

देवी देवताओं में जिला के बाह्य सराज के अधिष्ठाता खुडीजल, देवता बिजली महादेव और देवी हिडिंबा, लक्ष्मी नारायण, बुंगडू महादेव, ब्यास ऋषि, कोट पझारी, टकरासी नाग समेत दर्जनों देवरथ अमीर हैं।

देवी देवताओं के महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव में इस साल भगवान रघुनाथ की चाकरी में रिकॉर्ड 264 देवी देवता भाग ले रहे हैं। जिला देवी देवता कारदार संघ के कोषाध्यक्ष शेर सिंह ने कहा कि दशहरा में दर्जनों देवी देवताओं के देवरथ सोना और चांदी के सजाए गए हैं।

छत्र, मुख-मोहरे, माला और चंद्रहार सहित पूरा सोने के सुशोभित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि देवालयों में घट रही चोरी की वारदातों को रोकने के लिए सरकार और प्रशासन को उचित कदम उठाने की जरूरत है।  

देवरथ के छत्र में सबसे अधिक सोना जड़ा हुआ था। जबकि कई देवरथों में मोहरों पर भी अधिक सोना जड़ा होता है। देवी-देवताओं के मोहरों की संख्या अलग-अलग रहती है। अधिक मोहरे होने पर देवरथ कीमत बढ़ जाती है। कई देवी-देवताओं के देवरथों पर सोने के बजाय चांदी अधिक रहती है

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