प्रशासन नाकाम रहा तो देवताओं ने खुद हटा दिया कब्जा, पढ़ें पूरा मामला
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बता दें कि बीते दिनों जिला प्रशासन दल-बल के साथ अवैध कब्जा हटाने पहुंचा था लेकिन लोगों के राजनीतिक रसूख के चलते बैरंग लौट आया था। ब्यासर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दौरान तमाम देवी-देवताओं ने इस स्थल को खाली करने के आदेश दिए थे।
करीब एक माह से देव स्थल पर कुछ लोगों ने कब्जा कर खोखे व स्टोर बना दिए थे। ऐसे में देवी-देवताओं का पवित्र स्थल अशुद्ध हो रहा था। जब देव आदेशों की पालना न हुई तो घाटी के 11 देवी-देवता खुद बंदरोल पहुंच गए और देव स्थल को कब्जा मुक्त करवाया।
देवस्थल की है मान्यता
देवी-देवताओं की इस मुहिम से घाटी के देव समाज से तमाम लोग काफी खुश हैं। बंदरोल सब्जी मंडी में चिह्नित देवस्थल का अपना महत्व है। यहां पर कुल्लू-मनाली आते-जाते, तीर्थ स्थल और दशहरा के समय देवी-देवता ठहराव करते हैं।
कुछ देवता का यहां पर अपना स्थल भी है। देवताओं की स्थली को अशुद्ध नहीं किया जा सकता है। लिहाजा देव समाज से जुडे़ लोगों की इसको पवित्र रखने की पूरी जिम्मेदारी है।
इन देवताओं ने की कार्रवाई
बंदरोल सब्जी मंडी के पास अवैध कब्जे को हटाने में देवता वीरनाथ बदंरोल, काली माता ओढी शिरढ़, वीरनाथ पनगां, नाग देवता शिरढ़, काली माता ओढी बंदरोल, देवता काली नाग कराल, देवता थान शिम, काली ओढ़ी शिम आदि देवता मौजूद रहे।