रक्षा मंत्रालय ने खारिज किया हिमाचल से भेजा गया झांकी का मॉडल
दिल्ली के राजपथ पर इस बार 70वें गणतंत्र दिवस पर हिमाचल प्रदेश की झांकी नजर नहीं आएगी। रक्षा मंत्रालय ने हिमाचल की झांकी के मॉडल को खारिज कर दिया है। प्रदेश संस्कृति विभाग ने महात्मा गांधी की हिमाचल की यात्राओं को लेकर झांकी का मॉडल गणतंत्र दिवस की परेड के लिए भेजा था।
लेकिन रक्षा मंत्रालय ने हिमाचल की ओर से महात्मा गांधी पर बनाए इस मॉडल की झांकी को खारिज कर दिया है। ऐसे में हिमाचल प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जो पहचान मिलनी थी, उससे अब वंचित रहना पड़ेगा।
बता दें कि महात्मा गांधी ने आजादी से पहले करीब दस बार हिमाचल में यात्राएं की थीं। आजादी से पहले महात्मा गांधी वायस राय से मिलने भी शिमला आए थे। इसके अलावा आजादी से पहले अंग्रेजों के साथ कई अहम समझौतों के लिए महात्मा गांधी यहां पर आए थे।
ऐसे में प्रदेश संस्कृति विभाग ने इस बार गणतंत्र दिवस की परेड के लिए महात्मा गांधी की झांकी पर मॉडल रक्षा मंत्रालय को स्वीकृति के लिए भेजा था। लेकिन रक्षा मंत्रालय की ओर से हिमाचल की झांकी को गणतंत्र दिवस की परेड में शामिल करने से निरस्त कर दिया है। ऐसे में गणतंत्र दिवस पर परेड देखने आए प्रदेश के लोगों को हिमाचल की झांकी देखने का मौैका नहीं मिलेगा।
रक्षा मंत्रालय ने हिमाचल की महात्मा गांधी के शिमला यात्राओं पर बनाए झांकी के मॉडल को फाइनल राउंड में खारिज कर दिया है। इस बार हिमाचल की ओर से कोई भी झांकी राजपथ की परेड में शामिल नहीं होगी। - केके शर्मा, निदेशक भाषा एवं संस्कृति विभाग
जनपथ पर चार बार देखने को मिली हिमाचली संस्कृति की झलक
जनपथ पर 2007 में लाहौल स्पीति, 2012 में किन्नौर, 2017 में चंबा की संस्कृति की झलक देखने को मिली थी। 2018 में लाहौल स्पीति की कीह-गोंपा झांकी की झलक देखने को मिली थी। लेकिन इस बार गणतंत्र दिवस पर हिमाचल की झांकी का डंका नहीं बजेगा।