निर्माण में खामियां: 20 करोड़ से बनने वाले ध्वाल पुल का ढांचा गिराने के आदेश
बीबीएमबी ने सलापड़ में सतलुज पर करीब 20 करोड़ से 156 मीटर लंबा ध्वाल पुल के लिए फंडिंग की है। लोनिवि ने इसके निर्माण का टेंडर जारी किया। 2017 से इसका काम शुरू हुआ। तब से लेकर काम बेहद धीमी गति से चला है। पुल बनने से ध्वाल के लिए 20 किलोमीटर का सफर कम होगा।
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हिमाचल प्रदेश के मंडी में 20 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन ध्वाल पुल का अब तक बन चुका करीब 20 फीसदी निर्मित ढांचा गिराया जाएगा। ड्राइंग के हिसाब से निर्माण न करने पर लोनिवि ने यह फरमान जारी किया है। काम में कोताही के लिए ठेकेदार को भी ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। बीबीएमबी ने सलापड़ में सतलुज पर करीब 20 करोड़ से 156 मीटर लंबा ध्वाल पुल के लिए फंडिंग की है। लोनिवि ने इसके निर्माण का टेंडर जारी किया। 2017 से इसका काम शुरू हुआ। तब से लेकर काम बेहद धीमी गति से चला है। पुल बनने से ध्वाल के लिए 20 किलोमीटर का सफर कम होगा। सोमवार को लोक निर्माण विभाग की टीम ने अधीक्षण अभियंता ई. केके कौशल के नेतृत्व में निर्माण स्थल का दौरा किया।
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उन्होंने पुल के निर्मित ढांचे को गिराने का फैसला लिया। उन्होंने बताया कि जिस ठेकेदार को यह काम आवंटित किया गया है, उसे कई बार नोटिस जारी दिए हैं। इसके साथ ही जो निर्माण का कार्य उसने किया है, वह दोषपूर्ण होने के चलते उसे गिराने के लिए कहा गया है। अभी तक न तो ठेकेदार जवाब दे रहा है। उसे सोमवार को भी मौके पर बुलाया गया था, लेकिन वह नदारद रहा। गैर जिम्मेदाराना रवैये के चलते उसे जल्द ब्लैक लिस्ट कर पुल निर्माण का टेंडर दोबारा किया जाएगा। स्थानीय निवासी देशराज, दिलू राम, हरि सिंह वर्मा, कृष्ण लाल, जगदीश और अरुण ने धीमी गति से हो रहे काम को लेकर शिकायत की थी। इसके बाद सोमवार को अधीक्षण अभियंता ने लोनिवि के सुंदरनगर मंडल के अधिशासी अभियंता ई. देवी सिंह चौहान के साथ मौका का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की है और उन्हें आवश्यक कार्रवाई के बारे में आश्वस्त किया है। ग्रामीणों ने बताया कि ठेकेदार के ऊपर उनकी लाखों की लेनदारी है। इस राशि को भी उन्हें ठेकेदार से दिलवाया जाए।