संसदीय क्षेत्रों में सर्वे से भाजपा लेगी ग्राउंड रिपोर्ट, कोर कमेटी की बैठक फैसला
भाजपा ने लोकसभा चुनावों को लेकर प्रदेश में सियासी गतिविधियां तेज करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर सहित पार्टी अध्यक्ष सतपाल सत्ती और अन्य कोर कमेटी सदस्यों की बुधवार को चंडीगढ़ में बैठक हुई।
इसमें संसदीय क्षेत्रों में सर्वेक्षण करवा ग्राउंड रिपोर्ट लेने का निर्णय लिया गया।सर्वेक्षणों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर पार्टी प्रचार की रणनीति तय करेगी। इसके बाद पार्टी प्रत्याशी पैनल तैयार करने को भी सर्वे करेगी।
हिमाचल की चारों संसदीय सीटों पर भाजपा के सांसद हैं। कोर कमेटी की बैठक में भाजपा सरकार के पहले सौ दिन के कामकाज पर भी चर्चा हुई। कांग्रेस के कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाने पर विपक्ष पर पलटवार करने को लेकर मजबूत रणनीति बनाने पर चर्चा हुई।
कोर कमेटी से पहले दिनभर समन्वय समिति की बैठक हुई। समन्वय समिति में संघ, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद सहित तमाम संगठन के सभी मोर्चों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में इन मसलों पर भी हुआ मंथन
केंद्रीय पदाधिकारियों के अलावा प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय भी पहुंचे थे। बैठक में संगठन के सभी मोर्चों को लोस चुनाव की तैयारियों को लेकर कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद शाम को कोर कमेटी की बैठक हुई।
इसमें सीएम और अध्यक्ष के अलावा प्रभारी, पूर्व सीएम शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल, प्रदेश महामंत्री संगठन पवन राणा, मंत्रियों में विपिन परमार, सुरेश भारद्वाज सहित सभी पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मौजूद रहे।
कोर कमेटी ने चुनावी रणनीति पर चर्चा से पहले संगठनात्मक गतिविधियों और कांग्रेस को लेकर चर्चा हुई। संसदीय क्षेत्रों में सांसदों को गतिविधियां तेज करने के निर्देश दिए गए। पार्टी के आंतरिक सर्वेक्षणों के शुरू करने पर मंथन हुआ। संगठनात्मक गतिविधियों के लिए प्रदेश अध्यक्ष सत्ती ने कमेटी को अवगत करवाया।
सरकार संगठन में बैठेगा समन्वय
सरकार और संगठन को और बेहतर बनाने के लिए निगम और बोर्डों में चेयरमैन और उपाध्यक्ष के पदों को जल्द भरने का निर्णय हुआ। लंबे समय से रिक्त पदों पर नए चेहरों को मौका दिया जाना है।विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने वालों और संगठनात्मक कार्यों में बेहतर कामकाज करने वालों को तरजीह दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अवगत करवाया कि राजनीतिक नियुक्तियां में जल्दबाजी नहीं की जाएंगी। मुख्य सचेतक और उप मुख्य सचेतक के साथ सीपीएस के पदों को लेकर मुख्यमंत्री ने स्थिति साफ की। फिलहाल, सीपीएस नियुक्त नहीं किए जाने हैं।