रोहतांग-मनाली मामले में झुकी सरकार, चर्चा को हुई तैयार
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हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को विपक्ष एनजीटी के फैसले के बाद मनाली-रोहतांग में उजडे़ लोगों की समस्या के समाधान के लिए चर्चा पर अड़ा रहा। इस कारण सदन में प्रश्नकाल लगभग आधे घंटे के लिए बाधित रहा। बाद में सरकार विपक्ष के दबाव में झुकते हुए इस पर दूसरे दिन बुधवार को चर्चा के लिए तैयार हो गई। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को इस मामले पर चर्चा करने से कोई गुरेज नहीं है।
एनजीटी ने रोहतांग मामले में जो कदम उठाए हैं, वे अनावश्यक हैं। पर्यावरण को बचाने की बात ठीक है, मगर रोहतांग के आगे भी दुनिया है। लोग यहां से लाहौल, कश्मीर और लद्दाख के लिए जाते हैं। मनाली और रोहतांग में ही कौन-सा पहाड़ टूट गया है। वहां तो ग्लेशियर भी नहीं हैं। सीएम बोले कि वे एनजीटी का सम्मान करते हैं, पर एनजीटी के फैसले से सहमत नहीं हैं।
मनाली के विधायक गोविंद सिंह ठाकुर प्रश्नकाल से पहले ही इस मामले पर चर्चा के लिए अड़ गए। बीच में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हर पेशी में हम जनता का ही पक्ष रखते हैं। वे सदन को अवगत करवा देना चाहते हैं कि सरकार ने ग्रीन ट्रिब्यूनल के समक्ष ये मामला रखा है। इसमें जो भी फैसला करना है, उसे ग्रीन ट्रिब्यूनल को ही करना है। जब तक फैसला नहीं आ जाता, तब तक सुप्रीम कोर्ट भी नहीं जा सकते हैं।
इससे पहले मनाली के भाजपा विधायक गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि उन्होंने पांच दिन पहले इस बारे में नियम 67 के तहत चर्चा के लिए विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस दिया है, मगर अभी तक इस पर कोई विचार ही नहीं हुआ है। इस पर स्पीकर बुटेल ने कहा कि इस मामले को सरकार की टिप्पणी के लिए भेज दिया गया है। गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को एनजीटी के समक्ष ठीक ढंग से नहीं रख रही है। न तो इस बारे में सुप्रीम कोर्ट में ही कोई सीएलपी दायर की गई है।
नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने भी कहा कि अगर नियम 67 में चर्चा नहीं की जाती है तो नियम 130 और अन्य नियम में तो कर ही सकते हैं। विपक्ष के मुख्य सचेतक सुरेश भारद्वाज ने भी इस मामले पर सरकार से चर्चा की बात की। संसदीय कार्य मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सरकार इस विषय पर नियम 62 के तहत बुधवार को चर्चा को तैयार है। इससे पूर्व जीएस बाली ने भी कहा कि एनजीटी को साफ कर दिया गया है कि सरकार के पास संसाधन नहीं हैं।
सीएम ने भाजपा विधायक पर लगाया मामला उलझाने का आरोप
सीएम वीरभद्र सिंह ने भाजपा विधायक गोविंद ठाकुर की ओर इशारा कर कहा कि ये इंटेरेस्टिड पार्टी है। लोगों को बहकाया जा रहा है। मामले को सुलझाने के बजाय उलझा दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि मनाली में आग सुलगती रहे। धूमल बोले कि विधायक हैं तो इंटरेस्टिड पार्टी तो होंगे ही।
बाली के निशाने पर सुधीर शर्मा का हिमुडा
परिवहन मंत्री जीएस बाली ने मंगलवार को सदन के भीतर शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा की अध्यक्षता वाले प्राधिकरण हिमुडा को निशाने पर लिया। बाली ने कहा कि चंबा बस स्टैंड के लिए हिमुडा के पास साढे़ तीन करोड़ रुपये जमा करवाए गए थे। मगर हिमुडा इस पैसे पर बैठ गया है। बता रहे हैं कि इस पैसे को कहीं और खर्च कर देंगे। इस पर चुराह के भाजपा विधायक हंसराज ने भी यह तंज किया - हम तो जानना ही यही चाह रहे थे।
मंगलवार को सदन में प्रश्नकाल के दौरान चंबा के भाजपा विधायक बीके चौहान के सवाल के जवाब में परिवहन मंत्री जीएस बाली ने कहा कि प्रशासनिक तौर पर इस मामले को उठाया गया है और जल्द ही चंबा बस अड्डे का निर्माण करवा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दो दफा इसके लिए टेंडर किए जा चुके हैं, मगर कंपनियां नहीं आई हैं। अब दोबारा से प्रक्रिया चल रही है।
बाली बोले कि जल्दी ही यहां आधुनिक बस अड्डा बनाया जाएगा और वर्ष 2017 से पहले ही इसे पूरा कर दिया जाएगा। विधायक हंसराज ने अनुपूरक सवाल में बसों को वहां पर शिफ्ट करने की बात कही। इससे पहले विधायक बीके चौहान ने कहा कि ये काम धीमी गति से चल रहा है। इससे वे संतुष्ट नहीं हैं। पुराने नक्शे में जहां शॉपिंग माल बनाने का भी विचार किया गया था, उस पर अब क्या किया जा रहा है। इस पर परिवहन मंत्री ने कहा कि इसमें तमाम तरह की सुविधाएं देंगे।
चोरियों, अवैध खनन पर विपक्ष ने सरकार को घेरा
चोरियों, अवैध खनन के मामलों पर विपक्षी भाजपा ने सत्तापक्ष में बैठी कांग्रेस को सदन में खूब घेरा। इस बीच नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि प्रदेश में चोरी के 55 प्रतिशत मामलों का पुलिस सुराग ही नहीं लगा पा रही है जबकि सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि अगर पिछले कुछ वर्षों से आपराधिक मामलों का तुलनात्मक ब्योरा देखा जाए तो इनमें कमी आई है।
प्रदेश में आपराधिक मामले बढ़े नहीं बल्कि घटे हैं। प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर ये संयुक्त सवाल चार भाजपा विधायकों गुलाब सिंह ठाकुर, बलदेव तोमर, डॉ. राजीव बिंदल, सतपाल सिंह सत्ती और हिलोपा विधायक महेश्वर सिंह ने संयुक्त रूप से उठाया। प्रश्नकाल के दौरान जोगिंद्रनगर के भाजपा विधायक गुलाब सिंह ठाकुर ने सवाल उठाया कि जोगिंद्रनगर थाना क्षेत्र में स्टाफ पूरा नहीं होने के कारण कई तरह के आपराधिक मामलों की छानबीन प्रभावित हो रही है। आपराधिक मामलों की छानबीन के लिए अलग से जांच प्रकोष्ठ का गठन किया जाए।
इस पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बोले कि अगर पिछले तीन साल की बात करें तो पुलिस की मुस्तैद जांच के कारण आपराधिक मामले घटे हैं। जांच के लिए अलग एजेंसी के गठन पर विचार करेंगे। शिलाई के भाजपा विधायक और नाहन के भाजपा विधायक डॉ. राजीव बिंदल ने अवैध खनन के मामले उठाए। सीएम वीरभद्र सिंह ने कहा कि वर्ष 2013 से लेकर 2015 के बीच अवैध खनन के 23 मामले दर्ज किए गए हैं। पूर्व सरकार के समय में यह संख्या 51 थी। उन्होंने कहा कि अवैध खनन करने वालों को नोटिस भी दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि जहां खनन वैध तरीके से हो सकता है, वहां खनन पट्टों की भी नीलामी की जाएगी। ये कहना गलत है कि अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस भी मुस्तैद हुई है, लेकिन अपराधी भी पहले से अधिक शातिर हो गए हैं।
चेयरमैनों की फौज से खर्चे में डूबी सरकार
भाजपा विधायक राजीव बिंदल ने बजट भाषण पर चर्चा के दौरान प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि चेयरमैनों की फौज खड़ी करके सरकार खर्चे में डूबो रही है। सरकार ने बजट में किसानों और बेरोजगारों की अनदेखी की है। सड़कों की मरम्मत के लिए धन का प्रावधान नहीं किया गया है। उन्होेंने कहा कि हिमाचल के कारपोरेशन घाटे में चल रहे हैं और अब सरकार शराब बेचने के लिए एक और निगम बनाने जा रही है। इस निगम को खोलने से सरकार की मंशा ठीक नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार में ठेकेदारों की चांदी हो रही है। हिमाचल का किसान रामभरोसे हैं। सरकार ने मशरूम, धान, मटर के अच्छे दाम प्राप्त करने के लिए बजट में कोई प्रावधान नहीं किया। किसानों ने स्ट्रोबेरी उगाई लेकिन उचित दाम न मिलने पर लोगों की फसल बगीचों में ही खराब हो गई। विधायक ने निगम-बोर्डों में अधिकारियों के विदेशी दौरे की सूचना मांगी थी लेकिन सरकार ने यह जानकारी देने के बजाय उत्तर दिया कि सूचना एकत्र की जा रही है। प्रदेश में सड़कों का निर्माण कार्य नहीं हो रहा है।
सरकार सिर्फ फॉरेस्ट क्लीयरेंस की बात कहकर पल्ला झाड़ रही है। इको टूरिज्म पॉलिसी और चिकित्सा की गुणवत्ता पर भी उन्होंने सरकार पर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आशा वर्कर को 1000 रुपये भत्ता देने की बात कही थी लेकिन इन्हें मात्र 400 रुपये ही दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजट में अधिकांश पैसा तनख्वाह, पेंशन, मेंटेनेंस, सब्सिडी के लिए प्रावधान किया गया है जबकि विकास कार्यों के लिए मात्र 12.39 फीसदी पैसा रखा गया है। इसके चलते सरकार के काम नजर नहीं आ रहे हैं।