फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Death toll in Himachal rises to 404; 229 in rain-related, while 175 in road-related accidents: SDMA

Himachal Monsoon: विनाशकारी मानसून में गई 404 की जान, सैकड़ों घायल... कई लापता; करीब 45 हजार करोड़ की हानि

Mon, 15 Sep 2025 02:04 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला। Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 15 Sep 2025 02:04 AM IST
सार

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने रविवार को पुष्टि की कि 229 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने और मकान ढहने जैसी बारिश से जुड़ी घटनाओं के कारण हुईं, जबकि 175 अन्य लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान गई।

विज्ञापन
Death toll in Himachal rises to 404; 229 in rain-related, while 175 in road-related accidents: SDMA
हिमाचल में बरसात से गिरे पेड़, लाहाैल में बाढ़। file - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में विनाशकारी मानसून के मौसम में 20 जून से अब तक 404 लोगों की जान जा चुकी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने रविवार को पुष्टि की कि 229 मौतें भूस्खलन, अचानक बाढ़, डूबने और मकान ढहने जैसी बारिश से जुड़ी घटनाओं के कारण हुईं, जबकि 175 अन्य लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान गई।

विज्ञापन


SDMA ने विनाश के पैमाने को 'अभूतपूर्व' बताया और कहा कि पहाड़ी राज्य भर में हजारों घर, खेत और सार्वजनिक संपत्तियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अब तक कुल अनुमानित नुकसान 4,48,905.58 लाख रुपये (44,890 करोड़ रुपये से अधिक) है। रिपोर्ट से पता चलता है कि बारिश से जुड़ी आपदाओं में 229 लोगों की मौत हुई, जिनमें भूस्खलन में 48, अचानक बाढ़ में 11, बादल फटने में 17, डूबने से 38, सांप के काटने से 15, बिजली लगने से 17 और खड़ी ढलानों पर गिरने से 44 लोग शामिल हैं।
विज्ञापन


इसके अलावा, सड़क दुर्घटनाओं में 175 मौतें दर्ज की गईं, जो मानसून के दौरान हिमाचल के परिवहन नेटवर्क की कमज़ोरी को दर्शाती हैं। इन मौतों के अलावा, 462 लोग घायल हुए और 41 लापता बताए गए हैं। बारिश के कारण 2,094 पशुओं और लगभग 26,955 मुर्गियों की भी मौत हो गई। सार्वजनिक संपत्ति को मानसून के कहर का भारी नुकसान उठाना पड़ा है, सड़कों, बिजली आपूर्ति लाइनों, जल योजनाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं और स्कूलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिजली और जलापूर्ति सेवाओं को भी भारी नुकसान हुआ है। रविवार शाम तक, 373 वितरण ट्रांसफार्मर खराब हो गए थे, जिससे प्रभावित जिलों में हजारों लोग बिजली के बिना रह गए, जबकि क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों और अवरुद्ध पहुंच के कारण 188 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुईं।

SDMA  के अनुसार, नुकसान कई क्षेत्रों में फैला हुआ है: पीडब्ल्यूडी (सड़कें और पुल), 2,73,9.35 लाख रुपये, जल शक्ति (जल योजनाएं): 1,38,6.44 लाख रुपये, बिजली क्षेत्र: 13,94.6 लाख रुपये, शिक्षा: 2,045 लाख रुपये और ग्रामीण एवं शहरी विकास: कुल मिलाकर 1,800 लाख रुपये से अधिक।

इसके अलावा, 8,278 हेक्टेयर फसलें और 6,036 हेक्टेयर बागवानी भूमि क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में मंडी (61 मौतें), कांगड़ा (55 मौतें), चंबा (50 मौतें), कुल्लू (44 मौतें) और शिमला (43 मौतें) शामिल हैं। प्रत्येक जिले ने निजी घरों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे, दोनों को बड़े पैमाने पर नुकसान की सूचना दी है।


SDMA ने कहा कि आवश्यक सेवाओं को बहाल करने के प्रयास जारी हैं। अवरुद्ध सड़कों को फिर से खोलने और ट्रांसफार्मरों व जल योजनाओं की मरम्मत के लिए सैकड़ों मशीनें और फील्ड टीमें तैनात की गई हैं। हालांकि, लगातार भूस्खलन और लगातार बारिश के कारण काम में बाधा आ रही है। SDMA ने कहा कि नुकसान बहुत बड़ा है, लेकिन सरकार राहत प्रदान करने और बहाली में तेजी लाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय में काम कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed