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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Database will be made of suspected vehicles and criminals operating at night

रात के समय चलने वाले संदिग्ध वाहनों और अपराधियों का बनेगा डाटाबेस

Thu, 19 Mar 2020 06:49 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Thu, 19 Mar 2020 06:49 PM IST
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Database will be made of suspected vehicles and criminals operating at night
ई-रात्रि बीट चैकिंग प्रणालियां शुरू - फोटो : अमर उजाला

हिमाचल पुलिस की ई-रात्रि बीट चेकिंग प्रणाली शुरू हो गई है। इसे पासवर्ड संरक्षित वेबसाइट  http://bit.ly/eNight से लिंक किया जाएगा। जो ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मियों के पास उपलब्ध होगी। इस प्रणाली से पुलिस को रात के समय चलने वाले संदिग्ध वाहनों और अपराधियों पर नजर रखने तथा संदिग्धों का डाटाबेस बनाने में सहायता मिलेगी। तंत्र यह भी शामिल किया गया है कि यदि कोई व्यक्ति नकली प्रतिक्रिया देता है तो उसकी पहचान करना संभव होगा।

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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गुरुवार को राज्य पुलिस विभाग के लिए पुलिस स्टेशन आगंतुक सर्वेक्षण प्रणाली और ई-रात्रि बीट चैकिंग प्रणालियां शुरू कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों प्रणालियों से पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में और सुधार आएगा। पुलिस को अपनी कार्यप्रणाली के बारे में जहां वास्तविक फीडबैक मिलेगा, वहीं इसमें सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस स्टेशन आगंतुक सर्वेक्षण प्रणाली को  http://bit.ly/HPPolice  वेबसाइट से जोड़ा जाएगा। इस प्रणाली का इस्तेमाल पुलिस थानों, पुलिस चैकियों और पुलिस की अन्य इकाइयों में आगंतुकों की निगरानी के लिए किया जाएगा। इससे आगंतुकों का डाटाबेस तैयार करने में भी मदद मिलेगी।
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पुलिस थानों, पुलिस चौकियों और यातायात इकाइयों में आने वाले आगंतुकों अथवा शिकायतकर्ताओं से सर्वेक्षण लिंक को भरने का आग्रह किया जाएगा। ऑनलाइन सर्वेक्षण प्रणाली जिले और उससे संबंधित पुलिस स्टेशन, शिकायतकर्ता किस अधिकारी से मिला, आने का समय और उद्देश्य तथा पुलिस थाने या चौकी में कितना समय बिताया आदि सूचनाएं एकत्र करेगा। इस प्रणाली से यह जानकारी भी मिलेगी कि शिकायतकर्ता के साथ पुलिस का व्यवहार कैसा रहा। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता पुलिस कर्मचारियों के प्रति यदि टिप्पणी देना चाहे तो वह अपना नाम व फोन नंबर भी दे सकता है और यह सुनिश्चित बनाया जाएगा कि उसकी पहचान गोपनीय रहे। 

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पुलिस संदिग्धों की फोटो, पहचान पत्र और वाहन दस्तावेज के फोटो अपलोड करेगी 

इस प्रणाली से तैयार किया जाने वाला डाटाबेस पुलिस को आपराधिक मामलों की जांच और संपूर्ण राज्य में पुलिस विभाग की ओर से स्थापित सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के साथ पुष्टि करने में मदद करेगा। इस प्रणाली में एक विशेष प्रावधान किया जाएगा, जिसके माध्यम से पुलिस संदिग्धों की फोटो, पहचान पत्र और वाहन के दस्तावेजों की फोटो लेकर इस प्रणाली में ऑनलाइन अपलोड कर सकेगी।

पुलिस विभाग को अपने स्वमूल्यांकन में मदद मिलेगी 
पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी ने कहा कि इन दोनों प्रणालियों को बद्दी के पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने विकसित किया है। इन प्रणालियों से पुलिस विभाग को अपने स्वमूल्यांकन करने और विभागीय कार्यप्रणाली सुधार करने में सहायता मिलेगी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वेणुगोपाल राव ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा। अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह मनोज कुमार, आईजी हिमांशु मिश्रा, एपी सिंह और जेपी सिंह मौजूद रहे। 

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