सीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी की भी होगी जांच, कर्मचंद की बढ़ीं मुश्किलें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फेसबुक पर राष्ट्रपति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में फंसे संत श्री रविदास धर्म सभा के अध्यक्ष कर्मचंद भाटिया की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अब सोशल मीडिया में सीएम के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की भी जांच करने की तैयारी में है।
इस संबंध में भी शिवसेना के प्रदेश प्रवक्ता बृजलाल ने कर्मचंद भाटिया के खिलाफ सीएम और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दे रखी है। पुलिस का कहना है कि मुख्यमंत्री पर की गई अभद्र टिप्पणी मामले में अलग से एफआईआर करने की जरूरत नहीं है।
आरोपी के खिलाफ पहले ही थाना सदर में मुकदमा दर्ज है। इस शिकायत को उसी मुकदमे में अनुपूरक तौर पर जोड़ दिया जाएगा और शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर लिया जाएगा।
उधर, शिकायतकर्ता ने पुलिस पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। बृज लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी की शिकायत उन्होंने 19 मार्च को की थी और राष्ट्रपति वाले मामले में 24 मार्च को।
क्या कहते हैं एएसपी सिटी
पुलिस ने 24 मार्च वाली शिकायत पर तो एफआईआर दर्ज कर ली, लेकिन जो शिकायत पहले दी गई थी उस पर कोई केस दर्ज नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में अलग से एफआईआर दर्ज कर सच्चाई जनता के सामने लाए।
गौरतलब है कि कर्मचंद भाटिया के खिलाफ थाना सदर में राष्ट्रपति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपी से थाने में दो बार पूछताछ भी हो चुकी है और उसका मोबाइल भी कब्जे में लिया गया है।
एएसपी सिटी प्रवीर ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रपति के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज की गई है। ऐसे में दूसरी शिकायत जो आई है, उसमें अलग से एफआईआर की जरूरत नहीं है। शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करने के बाद पहले हुई एफआईआर में ही उसे जोड़कर जांच की जाएगी।