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एबी-टू वैराइटी की चाय उगाइए, आठ गुना फायदा कमाइए

Sun, 17 Jan 2016 10:44 AM IST
Updated Sun, 17 Jan 2016 10:44 AM IST
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cultivation of AB-two variety tea will give you huge profit.

टी बोर्ड ऑफ इंडिया का नया प्रयोग हिमाचल के बागवानों की आय कम से कम आठ गुना बढ़ा देगा। टी बोर्ड ऑफ इंडिया उत्तराखंड में पैदा हो रही एबी-टू वैराइटी की चाय के पौधों को अब हिमाचल में भी लगाने जा रहा है। एबी-टू वैराइटी चाय किस्म की खासियत यह है कि एक हेक्टेयर भूमि पर इसकी पैदावार से 2000 से 2500 किलोग्राम चाय का उत्पादन होता है।

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वर्तमान में हिमाचल में जो चाय उत्पादित हो रही है, वह एक हेक्टेयर में करीब 1000 किलोग्राम तक है। बागवान को इसका प्रति किलोग्राम मूल्य भी औसतन 100 रुपये प्रति किलोग्राम मिलता है जबकि एबी-टू वैराइटी की प्रति किलो चाय 400 से 500 रुपये प्रति किलोग्राम बिकती है।
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एक हेक्टेयर में सामान्य चाय के उत्पादन पर गौर करें तो बागवान को करीब एक लाख रुपये आय होती है। एबी-टू वैराइटी की चाय के एक हेक्टेयर उत्पादन से बागवान को कम से कम 8 लाख रुपये की आय होगी। एबी-टू वैराइटी से ग्रीन और ब्लैैक दोनों फ्लेवर तैयार होंगे।

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यहां से ले सकते हैं पौधे

cultivation of AB-two variety tea will give you huge profit.

एबी-टू वैराइटी की चाय के लिए बागवानों को टी बोर्ड ऑफ इंडिया के पालमपुर स्थित कार्यालय में आवेदन करना होगा। आवेदन करने के बाद चाय के पौधे कृषि विभाग के माध्यम से बागवानों को घर-द्वार पर भी उपलब्ध करवाए जाएंगे। टी बोर्ड ऑफ इंडिया पौधों को रिप्लांट करने के लिए बागवानों को 2.65 लाख सब्सिडी भी दे रहा है। इसी सब्सिडी के अंदर ही एक हेक्टेयर भूमि पर चाय उद्यान में एबी टू किस्म को उगाया जा सकता है।

यहां उगेगी नई किस्म- एबी टू वैराइटी की चाय कांगड़ा, चंबा, मंडी, कुल्लू में उगाई जाएगी। इसके लिए मिट्टी का पीएच (तापमान) 4.5 और 5.5 की जरूरत होगी। टी बोर्ड ऑफ इंडिया के उत्तरी रेंज के उपनिदेशक डॉ. गगनेश शर्मा ने बताया कि एबी टू वैराइटी के पौधे हिमाचल में उगाए जाएंगे। इससे पैदावार ज्यादा होती है। बागवानों की आर्थिकी भी काफी हद तक सुदृढ़ होगी।

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