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Shimla News: आईजीएमसी में सीटी स्कैन और मेमोग्राफी मशीन खराब
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रेडियोलॉजी विभाग के बाहर मरीजों ने किया हंगामा
लोग बोले, हर बार नई डेट देकर भेेजा जा रहा घर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के रेडियोलॉजी विभाग में मरीजों के सीटी स्कैन और मेमोग्राफी मशीन मंगलवार को खराब हो गई। इससे टेस्ट करवाने आए मरीज और उनकी तीमारदार भड़क गए।
मरीजों और तीमारदारों ने आरोप लगाए कि वह एक ही टेस्ट करवाने के लिए विभाग में तीन-तीन बार चक्कर लगा चुके हैं। बावजूद इसके उन्हें हर बार केवल अगली तारीख देकर भेज दिया जाता है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के रेडियोलॉजी विभाग में मंगलवार को सैकड़ों की तादाद में मरीज सुबह नौ बजे पहुंच गए थे। मरीजों के पेट, छाती और दिमाग समेत तमाम तरह के सीटी स्कैन किए जाने थे। मरीज काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। ग्यारह बजे तक जब मरीजों को टेस्ट के लिए नहीं बुलाया गया तो कर्मचारियों ने बताया कि मशीन खराब है। इससे मरीज भड़क गए। बाद में मरीजों को 10 और 11 अगस्त की नई डेट देकर शांत किया गया।
27 जुलाई को होना था सीटी स्कैन
चिड़गांव की हेमा ने बताया कि पेट का सीटी स्कैन टेस्ट होना था। डॉक्टरों ने 27 जुलाई की डेट दी थी, यहां आई तो मशीन खराब थी। बाद में आठ अगस्त की डेट दी लेकिन आज फिर से 10 अगस्त की डेट मिली। बताया कि वह दो लोग बस में सफर करके यहां पहुंचे हैं। सात सौ रुपये एक तरफ का किराया दिया है।
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11 अगस्त की दी डेट
शिमला के रहने वाले संदीप ने बताया कि वह सुबह दस बजे से अस्पताल में है। दो से ढाई घंटे इंतजार के बाद कहा गया कि अब टेस्ट नहीं होंगे। मशीन खराब है। अस्पताल के कर्मियों को यह पता था तो वह सुबह ही सूचना दे देते। ऐसे में अस्पताल में घंटों ठहरने के कारण समय बर्बाद तो नहीं होता।
मेमोग्राफी टेस्ट न होने से महिलाएं खफा
आईजीएमसी में डिजिटल मेमोग्राफी मशीन भी मंगलवार को खराब हो गई है। इससे महिलाओं के टेस्ट नहीं हो पाए। रामपुर से आई कुंती देवी ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा है कि वह यहां आकर मशीन ठीक होने का पता कर लें। कहा कि मरीज यहां पर बार-बार नहीं आ सकता। इसलिए मरीजों को ही सूचित करने के लिए यहां पर व्यवस्था होनी चाहिए। गौरतलब है कि साल 2016 में डिजिटल मैमोग्राफी मशीन आईजीएमसीमें लगाई थी। यह मशीन रोगियों में कम से कम विकिरण की मात्रा पास करती है। मशीन से कैंसर का पता शुरुआती दौर में ही लग जाता है।
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लोग बोले, हर बार नई डेट देकर भेेजा जा रहा घर
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) के रेडियोलॉजी विभाग में मरीजों के सीटी स्कैन और मेमोग्राफी मशीन मंगलवार को खराब हो गई। इससे टेस्ट करवाने आए मरीज और उनकी तीमारदार भड़क गए।
मरीजों और तीमारदारों ने आरोप लगाए कि वह एक ही टेस्ट करवाने के लिए विभाग में तीन-तीन बार चक्कर लगा चुके हैं। बावजूद इसके उन्हें हर बार केवल अगली तारीख देकर भेज दिया जाता है। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) के रेडियोलॉजी विभाग में मंगलवार को सैकड़ों की तादाद में मरीज सुबह नौ बजे पहुंच गए थे। मरीजों के पेट, छाती और दिमाग समेत तमाम तरह के सीटी स्कैन किए जाने थे। मरीज काफी देर तक अपनी बारी का इंतजार करते रहे। ग्यारह बजे तक जब मरीजों को टेस्ट के लिए नहीं बुलाया गया तो कर्मचारियों ने बताया कि मशीन खराब है। इससे मरीज भड़क गए। बाद में मरीजों को 10 और 11 अगस्त की नई डेट देकर शांत किया गया।
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27 जुलाई को होना था सीटी स्कैन
चिड़गांव की हेमा ने बताया कि पेट का सीटी स्कैन टेस्ट होना था। डॉक्टरों ने 27 जुलाई की डेट दी थी, यहां आई तो मशीन खराब थी। बाद में आठ अगस्त की डेट दी लेकिन आज फिर से 10 अगस्त की डेट मिली। बताया कि वह दो लोग बस में सफर करके यहां पहुंचे हैं। सात सौ रुपये एक तरफ का किराया दिया है।
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11 अगस्त की दी डेट
शिमला के रहने वाले संदीप ने बताया कि वह सुबह दस बजे से अस्पताल में है। दो से ढाई घंटे इंतजार के बाद कहा गया कि अब टेस्ट नहीं होंगे। मशीन खराब है। अस्पताल के कर्मियों को यह पता था तो वह सुबह ही सूचना दे देते। ऐसे में अस्पताल में घंटों ठहरने के कारण समय बर्बाद तो नहीं होता।
मेमोग्राफी टेस्ट न होने से महिलाएं खफा
आईजीएमसी में डिजिटल मेमोग्राफी मशीन भी मंगलवार को खराब हो गई है। इससे महिलाओं के टेस्ट नहीं हो पाए। रामपुर से आई कुंती देवी ने बताया कि डॉक्टरों ने कहा है कि वह यहां आकर मशीन ठीक होने का पता कर लें। कहा कि मरीज यहां पर बार-बार नहीं आ सकता। इसलिए मरीजों को ही सूचित करने के लिए यहां पर व्यवस्था होनी चाहिए। गौरतलब है कि साल 2016 में डिजिटल मैमोग्राफी मशीन आईजीएमसीमें लगाई थी। यह मशीन रोगियों में कम से कम विकिरण की मात्रा पास करती है। मशीन से कैंसर का पता शुरुआती दौर में ही लग जाता है।