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महिला एजेंट का शातिर दिमाग, दस करोड़ से अधिक की ठगी कर फरार
अमर उजाला ब्यूरो, गढ़शंकर (होशियारपुर)
Updated Sat, 24 Feb 2018 10:53 AM IST
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पंजाब के जिला होशियारपुर के उप डाकघर बीनेवाल में नियुक्त एजेंट के पंजाब व हिमाचल प्रदेश के लोगो के साथ दस करोड़ से अधिक की ठगी कर परिवार सहित फरार होने का मामला सामने आया है।
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आरोपी महिला एजेंट के खिलाफ गढ़शंकर थाने में अठारह लाख की ठगी का मामला दर्ज हो चुका है। करीब चालीस से ज्यादा शिकायतें एसएसपी के पास पहुंच चुकी है। एसएसपी ने चार अधिकारियों की जांच टीम बनाई है। डाक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है।
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एसएसपी को रजिंद्र प्रसाद निवासी टब्बा की ओर से दी गई शिकायत के बाद आरोपी उप डाकघर एजेंट सुरिंद्र रानी उर्फ आशा रानी निवासी बीनेवाल के खिलाफ अठारह लाख की ठगी का मामला गढ़शंकर थाने में बीती 17 फरवरी को दर्ज किया गया।
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इसी केस में हिमाचल प्रदेश के गांव बाथड़ी की अंजू देवी पत्नी विनोद कुमार से की गई छह लाख की गई ठगी के मामले को भी जोड़ दिया गया है। ठगी के शिकार निरपाल सिंह निवासी नैनवां ने बताया कि उसने जमीन बेचकर 19 लाख उप डाकघर बीनेवाल में उक्त एजेंट को जमा करवाने के लिए दिए थे।
उप डाकघर बीनेवाल में जाकर पता किया तो वहां मात्र नौ हजार जमा हैं। पास बुक में 19 लाख की एंट्री है। इसके अलावा तीन बेटियों के नाम पर अलग-अलग साढ़े सात-सात लाख जमा करवाए थे। उनकी तीनों बेटियों के खाते में मात्र पांच-पांच हजार ही हैं।
इन तीनों के पास बुक में साढे़ सात-सात लाख की एंट्रियां है। पाखर सिंह निवासी नैनवां ने बताया चार लाख जमा करवाने को दिए थे और मुझे उसने एक कापी पर लिखकर दिया हुआ है। उप डाकघर की पास बुक बार-बार मांगने पर भी नहीं दी।
मखन सिंह व मनजीत सिंह के संयुक्त खाते में साढ़े पांच लाख में से पांच हजार ही खाते में है। गढ़ी मानसोवाल के रूप चंद ने बताया कि उसने चार लाख उक्त एजेंट के पास जमा करवाने को दिए थे।
सिर्फ चार हजार ही उसके खाते मे हैं। इसके अलावा पचास हजार की एक एफडी की कापी व पचास पचास हजार आरडी की कापियां भी एजेंट के पास ही हैं। हिमाचल के गांव सिंगा की दर्शना देवी ने बताया कि उसने एक लाख चालीस हजार जमा किया था। खाते में सिर्फ चार हजार हैं।
भवनीपुर के अमरचंद ने बताया कि उसने आठ लाख पांच हजार जमा कराए थे। उसके खाते में मात्र पांच हजार है। नैनवां के सुरिंद्रपाल ने अपनी पौत्री अदिति के नाम पचास हजार करवाए थे, उसके नाम पर खाते में पांच हजार है।
सेखोवाल के राज कुमार ने दो खातों में चार लाख और नौ हजार जमा करवाए थे। खाते में चार हजार व नौ हजार ही हैं। इसी तरह करीब तीन सौ से ज्यादा लोगों के ठगे जाने का अंदेशा जताया जा रहा है।
सीनियर सुपरिंटेंडेंट डाक विभाग होशियारपुर एमएस राणा ने बताया कि उनके पास 5-6 शिकायतें आई थीं। इस पर उन्होंने मेल ओवरसीज को जांच के लिए पक्के तौर पर बैठा दिया है। उनका कहना था कि एजेंट डाक विभाग के अंतर्गत नहीं आते हैं। इन्हें जिला बचत योजना अधिकारी नियुक्त करते हैं।
मखन सिंह व मनजीत सिंह के संयुक्त खाते में साढ़े पांच लाख में से पांच हजार ही खाते में है। गढ़ी मानसोवाल के रूप चंद ने बताया कि उसने चार लाख उक्त एजेंट के पास जमा करवाने को दिए थे।
सिर्फ चार हजार ही उसके खाते मे हैं। इसके अलावा पचास हजार की एक एफडी की कापी व पचास पचास हजार आरडी की कापियां भी एजेंट के पास ही हैं। हिमाचल के गांव सिंगा की दर्शना देवी ने बताया कि उसने एक लाख चालीस हजार जमा किया था। खाते में सिर्फ चार हजार हैं।
भवनीपुर के अमरचंद ने बताया कि उसने आठ लाख पांच हजार जमा कराए थे। उसके खाते में मात्र पांच हजार है। नैनवां के सुरिंद्रपाल ने अपनी पौत्री अदिति के नाम पचास हजार करवाए थे, उसके नाम पर खाते में पांच हजार है।
सेखोवाल के राज कुमार ने दो खातों में चार लाख और नौ हजार जमा करवाए थे। खाते में चार हजार व नौ हजार ही हैं। इसी तरह करीब तीन सौ से ज्यादा लोगों के ठगे जाने का अंदेशा जताया जा रहा है।
सीनियर सुपरिंटेंडेंट डाक विभाग होशियारपुर एमएस राणा ने बताया कि उनके पास 5-6 शिकायतें आई थीं। इस पर उन्होंने मेल ओवरसीज को जांच के लिए पक्के तौर पर बैठा दिया है। उनका कहना था कि एजेंट डाक विभाग के अंतर्गत नहीं आते हैं। इन्हें जिला बचत योजना अधिकारी नियुक्त करते हैं।
यह थी एजेंट की ठगी का मोडस ऑपरेंडी
लोग आरोपी एजेंट के पास पैसे जमा करवाने आते थे तो वह अपनी दुकान पर ही फार्म भरा कर पैसे ले लेती थी और तीन दिन बाद पास बुक ले जाने के लिए कह देती थी।
इसके बाद जिसने दस लाख दिया उसका डाकघर में दस हजार जमा करवा देती थी और जिसने एक लाख करवाया उसका एक हजार करवा देती थी और बाद में पास बुक पर बड़ी सफाई से कटिंग कर दस हजार की फिगर के साथ दो जीरो और एक हजार की फिगर के साथ दो जीरो लगा देती थी। इसके अलावा जो शब्दों में लिखा होता था उसमें भी बड़ी सफाई के साथ कटिंग कर दस लाख या एक लाख लिख देती थी।
अब तक करीब 40 शिकायतें मिलीं
एसएसपी जे ईलनचेझियन ने बताया कि हफ्ताभर पहले एक शिकायत उनके पास आई थी और उसी समय मामला दर्ज करवा दिया गया था।
आने वाले दिनों में कई और मामले दर्ज होंगे। पूरे मामले की जांच के लिए एसपी इन्वेस्टिगेशन, डीएसपी हेडक्वार्टर, डीएसपी गढ़शंकर व एसएचओ गढ़शंकर की कमेटी बनाई गई है। अब तक चालीस के करीब शिकायतें उक्त एजेंट के खिलाफ आ चुकी हैं।
इसके बाद जिसने दस लाख दिया उसका डाकघर में दस हजार जमा करवा देती थी और जिसने एक लाख करवाया उसका एक हजार करवा देती थी और बाद में पास बुक पर बड़ी सफाई से कटिंग कर दस हजार की फिगर के साथ दो जीरो और एक हजार की फिगर के साथ दो जीरो लगा देती थी। इसके अलावा जो शब्दों में लिखा होता था उसमें भी बड़ी सफाई के साथ कटिंग कर दस लाख या एक लाख लिख देती थी।
अब तक करीब 40 शिकायतें मिलीं
एसएसपी जे ईलनचेझियन ने बताया कि हफ्ताभर पहले एक शिकायत उनके पास आई थी और उसी समय मामला दर्ज करवा दिया गया था।
आने वाले दिनों में कई और मामले दर्ज होंगे। पूरे मामले की जांच के लिए एसपी इन्वेस्टिगेशन, डीएसपी हेडक्वार्टर, डीएसपी गढ़शंकर व एसएचओ गढ़शंकर की कमेटी बनाई गई है। अब तक चालीस के करीब शिकायतें उक्त एजेंट के खिलाफ आ चुकी हैं।